पीएमएलए पर न्यायालय के फैसले के बाद ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ने की आशंका: गहलोत

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पीएमएलए पर न्यायालय के फैसले के बाद ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ने की आशंका: गहलोत

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  • Publish Date - July 27, 2022 / 05:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:55 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों को लेकर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बुधवार को कहा कि इस फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ सकता है।

गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘पीएमएलए एवं ईडी के अधिकारों पर माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला निराशाजनक एवं चिंताजनक है। देश में पिछले कुछ वर्षों से जो तानाशाही का माहौल बना हुआ है, इस फैसले के बाद केन्द्र सरकार द्वारा ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल और अधिक करने की आशंका बढ़ जाएगी।’’

इससे पहले, गहलोत ने आज सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जांच एजेंसियों के माध्यम से आतंक पैदा कर दिया गया जिससे पूरा देश दुखी है।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि धारा-19 के तहत गिरफ्तारी का अधिकार, मनमानी नहीं है।

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रवि कुमार की पीठ ने पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि धारा-5 के तहत धनशोधन में संलिप्त लोगों की संपति कुर्क करना संवैधानिक रूप से वैध है।

भाषा हक

हक नरेश

नरेश