नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को राजेश एक्सपोर्ट्स के ठिकानों की तलाशी ली। कपंनी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बाजार नियामक सेबी की जांच के दायरे में है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
माना जा रहा है कि बेंगलुरु में मुख्यालय वाली इस कंपनी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कार्रवाई की गई है।
सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु और मुंबई में कंपनी से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के एक अंतरिम आदेश के मुताबिक, ‘‘राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड पर आरोप है कि उसने पांच वर्षों में अपने समेकित राजस्व को 15 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। कंपनी ने यह आय मुख्य रूप से अपनी विदेशी अनुषंगियों, विशेषकर स्विट्जरलैंड स्थित वैलकैम्बी एसए से दिखाई, जबकि उस अनुषंगी के वित्तीय लेखापरीक्षण रिपोर्ट में राशि बहुत कम दिखाई गई थी।’’
सेबी ने आदेश में कहा कि कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजेश मेहता पर अगले आदेश तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजेश एक्सपोर्ट्स की प्रतिभूति खरीदने, बेचने या उनमें लेन-देन करने को लेकर रोक रहेगी।
राजेश एक्सपोर्ट्स ने किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसके द्वारा उल्लेखित आय सही थी और ऐसा प्रतीत होता है कि बाजार नियामक और कंपनी के बीच संवाद में कोई कमी रह गई थी।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश