कोट्टायम (केरलम), 14 सितंबर (भाषा) केरलम के शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोमवार को यहां पेरुन्ना में नायर सेवा सोसायटी (एनएसएस) मुख्यालय का दौरा किया जहां संगठन के महासचिव जी. सुकुमारन नायर ने उनका स्वागत किया।
यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि केरलम में यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को शिक्षा विभाग सौंपे जाने पर कुछ हिंदू संगठनों और भाजपा ने चिंता जताई थी।
एनएसएस एक संगठन है जो प्रभावशाली नायर समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है और पूरे राज्य में कई शिक्षण संस्थान संचालित करता है।
नायर ने मंत्री का एनएसएस मुख्यालय में स्वागत किया।
इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को शॉल ओढ़ाई और कार्यालय के अंदर चले गए, जहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक चर्चा की।
बैठक के बाद नायर ने संवाददाताओं से कहा कि एनएसएस ने कभी भी मुस्लिम समुदाय या उसका प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक संगठन इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ मतभेद पैदा करने की कोशिश नहीं की है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कभी कोई मतभेद नहीं रहा है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा कोई मतभेद पैदा न हो।’’
नायर ने कहा कि एनएसएस सभी धर्मों के प्रति सम्मान और स्नेह रखता है।
उन्होंने कहा, ‘‘बस इतना है कि उनके प्रति हमारा थोड़ा अधिक स्नेह है, और कुछ नहीं…।’’
शमसुद्दीन ने कहा कि यह एक मैत्रीपूर्ण मुलाकात थी और वह कोट्टायम में शिक्षा विभाग की अदालत में शामिल होने के रास्ते में एनएसएस मुख्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे राज्य में बहुत मैत्रीपूर्ण माहौल बना रहना चाहिए और इसे सुनिश्चित करने के लिए हम सभी साथ हैं। जो लोग इस रुख पर कायम हैं, वे मिलकर काम करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में एनएसएस का योगदान ‘‘वास्तव में अतुलनीय’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘एनएसएस एक ऐसा संगठन है जो सराहनीय तरीके से सैकड़ों स्कूल और कॉलेज संचालित करता है। स्वाभाविक रूप से, आज के शैक्षणिक मुद्दों को लेकर हमारे बीच कुछ विचारों का पारस्परिक आदान-प्रदान हुआ। हमारी चर्चा में इन्हीं मुद्दों पर बात हुई।’’
मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में उच्च विश्वसनीयता के साथ काम कर रहे लोगों की सलाह और सुझाव विभाग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
भाषा
राखी नरेश
नरेश