नदी से आने वाला अपशिष्ट, मछली पकड़ने के बेकार हो चुके उपकरण तटीय प्रदूषण के प्रमुख कारण: सरकार
नदी से आने वाला अपशिष्ट, मछली पकड़ने के बेकार हो चुके उपकरण तटीय प्रदूषण के प्रमुख कारण: सरकार
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि भारतीय तटों पर सूक्ष्म प्लास्टिक प्रदूषण का प्रमुख कारण नदियों से आने वाला अपशिष्ट पदार्थ और मछली पकड़ने के बेकार हो चुके उपकरण हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र (एनसीसीआर) भारतीय तट के कुछ स्थानों पर सूक्ष्म प्लास्टिक और समुद्री कचरे की निगरानी करता है।
सिंह ने कहा कि एनसीसीआर ने तटीय क्षेत्रों में उपलब्ध सूक्ष्म प्लास्टिक के आंकड़ों के आधार पर स्वच्छ तटीय सूचकांक (सीसीआई) विकसित किया है।
मंत्री ने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। इनमें कम उपयोगिता और अधिक कचरा फैलाने वाली एक बार उपयोग में लाई जाने वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर एक जुलाई 2022 से प्रतिबंध लागू करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2022 भी अधिसूचित किए हैं, जिसके तहत प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) दिशानिर्देश लागू किए गए हैं।
सिंह ने बताया कि इन दिशानिर्देशों के तहत प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे के संग्रह, पुनर्चक्रण और पुनर्चक्रण की गई प्लास्टिक सामग्री के इस्तेमाल के लिए अनिवार्य लक्ष्य तय किए गए हैं। इससे प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है और प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व व्यवस्था के तहत करीब 232 लाख टन प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे का पुनर्चक्रण किया जा चुका है।
भाषा सुभाष हक
हक

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