दिल्ली विधानसभा में प्रदर्शन कर रहे आप के आठ विधायकों को बाहर निकाला गया

दिल्ली विधानसभा में प्रदर्शन कर रहे आप के आठ विधायकों को बाहर निकाला गया

दिल्ली विधानसभा में प्रदर्शन कर रहे आप के आठ विधायकों को बाहर निकाला गया
Modified Date: August 11, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: August 11, 2026 5:44 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के आठ विधायकों को सदन से बाहर करवा दिया। ये विधायक नारेबाजी कर रहे थे और खाद्य मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे थे।

सत्र की शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली सरकार के कार्यकाल में कथित चावल घोटाले का आरोप लगाते हुए मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। सिरसा ने इन आरोपों से इनकार किया है।

सदन से बाहर किए गए विधायकों में संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, सोम दत्त, अजय दत्त, वीरेंद्र कादियान, सुरिंदर कुमार और चौधरी जुबैर अहमद शामिल हैं।

दोपहर के भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्यों ने तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और सिरसा के इस्तीफे की मांग की।

गुप्ता ने आप विधायकों को बाहर ले जाने के लिए मार्शलों को निर्देश देते हुए कहा, ‘‘इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह विपक्ष का बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। उन्होंने पिछले तीन दिनों से लगातार सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की है।’’

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि आप विधायक कुलदीप कुमार ने ‘मौके पर मौजूद अधिकारियों की ओर कुछ फेंका।’

सिंह ने कहा, ‘यह स्वीकार्य व्यवहार नहीं है और उन्हें तुरंत बाहर कर देना चाहिए।’

सिरसा ने आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने की धमकी दी।

मंत्री ने सदन के अंदर कहा, ‘हमने न तो कोई चावल खरीदा और न ही बेचा। हमारे पास एक कंपनी की ओर से एक आवेदन आया था। मैंने केवल यह लिखा था कि ‘नियमों के अनुसार विचार किया जा सकता है’। विपक्ष के पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। मैं मानहानि के मामले में उन्हें अदालत ले जाऊंगा।’

भाजपा विधायक अजय महावर ने विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता से अनुरोध किया कि कुलदीप कुमार के आचरण को देखते हुए उन्हें पूरे एक साल के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया जाए।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में