त्रिशूर (केरल), 30 मई (भाषा) केरल के त्रिशूर जिले में अथिराप्पल्ली के पास शुक्रवार देर रात एक जंगली हाथी के हमले में 62 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह घटना व्यक्ति के घर के पास हुई। मृतक की पहचान मोहनन के रूप में हुई है।
वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने पत्रकारों को बताया कि एक सप्ताह में यह तीसरी ऐसी घटना है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमलों की समस्या का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
जॉन ने बताया कि सरकार इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए एक योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके तहत पिछले छह महीनों में वन्यजीव हमलों से हुई मौतों की तथ्यान्वेषी जांच के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारी के अनुसार, यह घटना देर रात करीब 2:45 बजे हुई, जब मोहनन और उनके दो रिश्तेदार जंगल के करीब स्थित उनके इलाके में आए एक हाथी को भगाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी के अनुसार, हमले के बाद हाथी वापस जंगल में लौट गया।
अधिकारी ने बताया कि हाथी के हमले में मोहनन गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी इलाके में मौजूद हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाथी जंगल में लौट चुका है और दोबारा न आए।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से हाथियों के हमलों के डर में जी रहे हैं और सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
वन मंत्री ने बताया कि मृतक के परिवार को 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है, जिसकी पहली किस्त तुरंत दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अब से किसी भी वन्यजीव हमले की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी और पीड़ित परिवारों के लिए सभी औपचारिक प्रक्रियाएं आसान की जाएंगी तथा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में सोमवार को एक बैठक भी की जाएगी, जिसमें क्षेत्र की वन्यजीव संबंधी समस्याओं पर चर्चा होगी।
भाषा प्रचेता अमित
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