राज्यसभा चुनाव में अनुराग शर्मा की जीत को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्वाचन आयोग, अन्य को नोटिस

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राज्यसभा चुनाव में अनुराग शर्मा की जीत को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्वाचन आयोग, अन्य को नोटिस

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 03:44 PM IST

शिमला, 26 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य से राज्यसभा सदस्य के रूप में अनुराग शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग, केंद्र और राज्य सरकार, निर्वाचन अधिकारी एवं सांसद अनुराग शर्मा को नोटिस जारी किया है।

अधिवक्ता विनय शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने सभी प्रतिवादियों को 21 मई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट पर नौ मार्च को कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।

याचिका में आरोप लगाया गया कि नामांकन दाखिल करते समय शर्मा राज्य सरकार के साथ अनुबंध में थे जिससे वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाते हैं।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9ए का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अगर नामांकन के समय किसी उम्मीदवार का सरकार के साथ कोई अनुबंध सक्रिय हो तो उसकी उम्मीदवारी अमान्य मानी जाएगी।

याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव लड़ने के समय शर्मा के सात अनुबंध पर काम जारी था लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने उनके नामांकन की ठीक से जांच नहीं की और उसे स्वीकार कर लिया।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन