नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में उन करीब 60 लाख लोगों के बारे में फैसला होने तक विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं की जाए, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत ‘विचाराधीन’ श्रेणी में डाले गए हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा की गई एसआईआर की प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में 63.66 लाख नाम, यानी कुल मतदाताओं में से लगभग 8.3 प्रतिशत के नाम, मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 60 लाख मतदाता ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं।
कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल से जो भी बातें सामने आ रही हैं, वो भी ‘वोट चोरी’ का बड़ा उदाहरण हैं। राज्य में जिन लाखों लोगों के पास संवैधानिक अधिकार है, उनसे भी एसआईआर के जरिए वोट डालने का अधिकार छीना जा रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की अलग-अलग विधानसभाओं में हजारों लोगों के नाम हटाए गए हैं तथा राज्य के करीब 60 लाख लोगों का वोट डालने अधिकार एक न्यायिक समीक्षा की प्रक्रिया के दायरे में है।’’
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में लक्षित करके वोटरों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
मीर ने कहा कि जब तक इन मतदाताओं की किस्मत का फैसला न हो, तब तक चुनाव की घोषणा न हो।
उनका कहना था, ‘‘जब उन्हें मौका ही नहीं दिया जाएगा तो चुनाव कराने का कोई मतलब नहीं होगा।’’
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