‘आपातकाल’ को हर साल किए जाने वाले ‘रावण दहन’ की तरह याद किया जाना चाहिए: रेखा गुप्ता

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'आपातकाल' को हर साल किए जाने वाले 'रावण दहन' की तरह याद किया जाना चाहिए: रेखा गुप्ता

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 06:28 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 06:28 PM IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि देश में आपातकाल लगाए जाने वाले दिन को हर साल उसी तरह मनाया जाना चाहिए जैसे दशहरा पर रावण दहन किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित एक संगोष्ठि में की। गुप्ता ने कहा, ‘रावण दहन की तरह ही ‘संविधान हत्या दिवस’ को भी हर साल याद किया जाना चाहिए। यह इस बात की याद दिलाता है कि देश की जनता कभी भी आपातकाल जैसा अन्याय दोबारा नहीं होने देगी।’

मुख्यमंत्री गुप्ता ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘लोकतंत्र उन लोगों का गुलाम नहीं है जो अपनी जेब में संविधान की प्रति लेकर चलते हैं और दावा करते हैं कि ‘लोकतंत्र की हत्या हो रही है’।’

उन्होंने कहा कि संविधान किसी की जेब में नहीं है और लोकतंत्र किसी का गुलाम नहीं है। गुप्ता ने कहा कि जयप्रकाश नारायण और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने कभी साहस नहीं छोड़ा और सबसे कठिन समय में भी लोकतंत्र की भावना को जीवित रखा।

उन्होंने कहा कि एक सच्चा नेता निजी लाभ या सत्ता के लिए काम नहीं करता, बल्कि लोगों के लिए काम करता है, लोकतंत्र की रक्षा करता है और संविधान का सम्मान करता है।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​भी शामिल हुए। कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान जेल गए कई लोगों को सम्मानित किया गया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच देश में आपातकाल लागू किया था।

भाषा नोमान नोमान अमित

अमित