महिलाओं की सुरक्षा के लिए त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख

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महिलाओं की सुरक्षा के लिए त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 05:38 PM IST

(कोमल शर्मा)

नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख वी. शांता कुमारी ने रविवार को कहा कि परिवारों में पारंपरिक मूल्य प्रणालियों का क्षरण और कानूनी कार्रवाई में देरी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार बनी चिंताओं के प्रमुख कारणों में से हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कुमारी ने कहा कि पहले बच्चों को संस्कार प्रदान करने में परिवार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, लेकिन समय के साथ यह संस्था कमजोर हो गई है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लड़कों और लड़कियों, दोनों को घर में कम उम्र से ही मूल्यों की शिक्षा दी जानी चाहिए, विशेष रूप से महिलाओं का सम्मान करने के बारे में।

कुमारी ने कहा, “लड़कों को सिखाया जाना चाहिए कि वे लड़कियों के साथ उसी तरह सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, जैसे वे अपनी बहनों या माताओं के साथ करते हैं। पहले यह घर पर सिखाया जाता था, लेकिन अब हम इसे उपयुक्त रूप से होते नहीं देख रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ऐसे मूल्यों को स्कूलों में और समाज में व्यापक जागरूकता के माध्यम से भी सुदृढ़ किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं के प्रति सम्मान बचपन से ही बच्चों में समाहित हो जाए।

वर्ष 1936 में स्थापित राष्ट्र सेविका समिति, पुरुषों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समानांतर एक महिला संगठन के रूप में कार्य करती है।

कुमारी ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनों को और अधिक सख्ती से और तेजी से लागू करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा, “ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कई बार कार्रवाई में देरी हो जाती है और बहुत से मामले लंबित रह जाते हैं। त्वरित और सख्त कार्रवाई आवश्यक है।”

उन्होंने लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि उन्हें आत्मविश्वास हासिल करने और अपनी रक्षा करने में मदद मिल सके।

उन्होंने कहा, “सरकार को कानूनों के माध्यम से उचित कार्रवाई करनी चाहिए और उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही, लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी रक्षा कर सकें और आत्मविश्वास महसूस कर सकें।”

भाषा प्रशांत सुभाष

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