शबरिमला सोना चोरी मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हों पूर्व टीडीबी सचिव: न्यायालय

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शबरिमला सोना चोरी मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हों पूर्व टीडीबी सचिव: न्यायालय

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 08:26 PM IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की पूर्व सचिव को शबरिमला सोना चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया और उनकी अग्रिम जमानत अवधि भी बढ़ा दी।

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एस सी शर्मा की पीठ ने पूर्व टीडीबी सचिव एस जयश्री को गिरफ्तारी से दी गई राहत को बढ़ाते हुए उनसे मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा।

न्यायालय ने कहा, ‘‘प्रतिवादी केरल राज्य के जवाबी हलफनामे के अनुच्छेद 16 में उल्लिखित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, हम याचिकाकर्ता को निर्देश देते हैं कि वह आगे की पूछताछ के लिए 18 फरवरी, 2026 को दोपहर 12 बजे एक बार फिर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो। पूर्व में दी गई अंतरिम सुरक्षा अगली सुनवाई की तारीख तक जारी रहेगी।’’

इसने मामले को 20 फरवरी के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने 18 दिसंबर, 2025 को जयश्री की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करते हुए, उन्हें 8-9 जनवरी को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।

द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्ति की परतों से सोने की चोरी से संबंधित मामले में चौथी आरोपी जयश्री, 2019 में टीडीबी की सचिव थीं।

जयश्री के खिलाफ आरोप यह है कि उनके आदेश के बाद, द्वारपालक मूर्तियों की सोने की परत चढ़ी तांबे की प्लेट 2019 में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को पुनः आवरण चढ़ाने के लिए सौंप दी गई थीं।

हालांकि, जयश्री ने दावा किया है कि उन्होंने बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर आदेश जारी किया था।

केरल उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार गठित एसआईटी सोने की चोरी की घटना से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है और अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हाल ही में उच्च न्यायालय ने जांच की प्रगति की समीक्षा की तथा एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए छह सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया था।

भाषा

नेत्रपाल नरेश

नरेश