सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल: कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुस्लिम और सिख

सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल: कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुस्लिम और सिख

सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल: कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुस्लिम और सिख
Modified Date: May 20, 2026 / 04:07 pm IST
Published Date: May 20, 2026 4:07 pm IST

श्रीनगर, 20 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में एक कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में मुस्लिम और सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, जिगरी 90 वर्षीय की थीं और मंगलवार को गांव में उनका निधन हो गया। वह 1990 में उग्रवाद बढ़ने के बाद भी त्राल क्षेत्र के अपने पैतृक गांव मिदोरा में ही रहीं।

अधिकारियों ने बताया कि उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग – मुस्लिम, सिख और हिंदू – उनके घर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एकत्रित हो गए।

उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान में किया गया।

स्थानीय निवासी अयातुल्लाह ने कहा, ‘वह हमारी मां थीं और हम सब उनके निधन से दुखी हैं। आप देख सकते हैं कि सिख, पंडित और मुसलमान सभी यहां एकत्रित हुए हैं।’

उन्होंने बताया कि जिगरी का परिवार पिछले 35 वर्षों में घाटी में आए उथल-पुथल भरे दौर में भी सद्भाव से रहा।

उन्होंने कहा, ‘उनके पति ‘हकीम’ (पारंपरिक चिकित्सक) के रूप में काम करते थे और यहां के लोगों का इलाज करते थे। हमें शायद ही कभी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ी।’

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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