राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश : फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं के प्रस्तावित मुंबई मार्च पर कसा तंज
राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश : फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं के प्रस्तावित मुंबई मार्च पर कसा तंज
पंढरपुर (महाराष्ट्र), 25 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शनिवार को उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के प्रस्तावित मार्च पर तंज कसते हुए कहा कि यह छात्रों के हितों के समर्थन की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की कोशिश नजर आती है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता उद्धव और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने छात्रों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के उन समर्थकों के समर्थन में रविवार को मुंबई में संयुक्त ‘तिरंगा मार्च’ निकालने की घोषणा की है, जो केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
फडणवीस ने शनिवार तड़के आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर स्थित विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन मुझे लगता है कि इस मार्च का छात्रों से बहुत कम संबंध है। यह अपनी राजनीतिक जगह दोबारा बनाने की कोशिश जैसा ज्यादा लगता है। फिर भी मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।’’
एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना में हुई टूट के लगभग तीन वर्ष बाद हाल में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) को बड़ा झटका लगा, जब उसके लोकसभा के नौ में से छह सांसद सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हो गए।
वहीं, राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे राज्य की राजनीति में हाशिए पर पहुंच गई है और विधानसभा में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि आंदोलन में एक ओर वास्तविक प्रदर्शनकारी हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक उद्देश्य से शामिल लोग भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंसा फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए बहुत से लोग युवाओं के भविष्य की चिंता में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग इस आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो हिंसा और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।’’
फडणवीस ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांगें स्वीकार किए जाने और कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद अपना अनशन समाप्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसी वजह से सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म किया। सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार कर ली हैं, कार्रवाई शुरू हो चुकी है और उन्होंने सभी से अपील की है कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखा जाए।’’
इस बीच उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मुंबई के दादर क्षेत्र में हजारों प्रदर्शनकारियों के जुटने के दौरान कहा कि सरकार के पास भले ही ‘लाठियों’ की ताकत हो, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हाथ में ‘तिरंगा’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘जन की बात’ है और दिल्ली को इसे सुनना ही होगा। जिस तरह छात्रों पर हमला किया गया और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, मैं सरकार को चेतावनी देता हूं-आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे हाथों में तिरंगा है। अब देखते हैं कि जीत किसकी होती है।’’
भाषा गोला सिम्मी
सिम्मी

Facebook


