फडणवीस ने ईंधन की कालाबाजारी के खिलाफ चेतावनी दी, किसानों को डीजल की आपूर्ति का आश्वासन दिया

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फडणवीस ने ईंधन की कालाबाजारी के खिलाफ चेतावनी दी, किसानों को डीजल की आपूर्ति का आश्वासन दिया

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  • Publish Date - May 23, 2026 / 01:51 PM IST,
    Updated On - May 23, 2026 / 01:51 PM IST

शिरडी, 23 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, इसलिए उन्होंने अधिकारियों को किसानों को डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

फडणवीस ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान किसानों के नाम पर ईंधन की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी और कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में बिक्री में अचानक 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

मुख्यमंत्री रक्षा एवं अंतरिक्ष परिसर के उद्घाटन में भाग लेने के लिए शहर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों के मद्देनजर जिला प्रशासन को किसानों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में मैंने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि जहां भी आवश्यक हो, किसानों को डीजल उपलब्ध कराया जाए।”

पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन आपूर्ति में संभावित व्यवधान की आशंका से घबराहट में खरीदारी के बीच महाराष्ट्र में मई के पहले पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वंदे भारत ट्रेन से शिरडी पहुंचे फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ट्रेन सेवा के जरिये देश को एक ‘अद्वितीय उपहार’ दिया है, जो विश्व के विकसित देशों के समकक्ष है।

उन्होंने कहा, ‘मुझे यह अनुभव बेहद सुखद लगा। यात्रा के दौरान मैंने कई फाइल का निपटारा किया और कई लोगों से मुलाकात की। यह एक बिल्कुल अलग और बहुत ही अच्छा अनुभव था।’

शिरडी के रक्षा परिसर के बारे में फडणवीस ने कहा कि यह शहर भक्ति और शक्ति दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, ‘शिरडी अब शक्ति के केंद्र के रूप में उभरा है। यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। भक्ति और शक्ति भारतीय आध्यात्मिकता में समाहित हैं। केवल शक्तिशाली ही शांति स्थापित कर सकते हैं। कमजोर कभी शांति स्थापित नहीं कर सकते।’

भाषा अमित सुरेश

सुरेश