Reported By: Saurabh Singh Parihar
,BJP And Congress On Illegal liquor / Image Source : FILE
रायपुर: BJP And Congress On Illegal liquor राजधानी रायपुर में अवैध शराब बिक्री को लेकर सियासत अब और तेज हो गई है।सुशासन तिहार शिविर में बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंच से ही आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शहर के उन इलाकों के नाम गिना दिए, जहां कथित तौर पर अवैध शराब बिक रही है। अब कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है, जबकि बीजेपी कार्रवाई का दावा कर रही है। प्रदेश में अवैध शराब का मुद्दा लगातार जोर पकड़ता जा रहा है।
Brijmohan Agrawal Statement On Illegal Liquor रायपुर में सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल अवैध शराब बिक्री के मुद्दे पर जमकर भड़क गए। BJP सांसद ने कहा कि जब उन्हें मालूम है कि शहर में कहाँ-कहाँ अवैध शराब बिक रही है, तो पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर दक्षिण विधानसभा के भाठागांव, टिकरापारा,मठमुरैना और संतोषी नगर जैसे इलाकों का नाम लेते हुए कहा कि अवैध शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बड़े से बड़े आदमी को उठाकर बंद करो।
दरअसल प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से अवैध शराब बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले मंत्री दयालदास बघेल भी एक कार्यक्रम के मंच से अवैध शराब बिक्री को लेकर अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। याद दिला दें कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी शराब घोटाला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना था।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर रायपुर दक्षिण से बीजेपी विधायक सुनील सोनी ने कहा कि अवैध शराब बिक्री पर डांट लगनी चाहिए और सरकार इस तरह के कारोबार को संरक्षण नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि शिकायतों पर लगातार कार्रवाई हो रही है और कांग्रेस सरकार के समय अपराधियों के हौसले ज्यादा बुलंद थे।
वहीं कांग्रेस ने बीजेपी सांसद के बयान को सरकार की नाकामी करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अब खुद बीजेपी के जनप्रतिनिधि मान रहे हैं कि प्रदेश में अवैध शराब बिक्री हो रही है। आख़िर यह अवैध शराब बिक्री का पैसा कहाँ जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का मुद्दा अब केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। ऐसे में सवाल यही है कि खुले मंच से उठ रहे इन आरोपों के बाद क्या प्रशासन जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई करेगा…या फिर यह मामला भी सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा।