TS Singh Deo Statement: 'घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा' सियासी घमासान के बीच टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, जानिए क्यों कही ये बात / Image: IBC24
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अंबिकापुर: TS Singh Deo Statement अंबिकापुर में लंबे समय से आम जनता के लिए मुसीबत बनी नेशनल हाईवे को लेकर महापौर मंजूषा भगत का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जनता के बीच ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। मंजूषा भगत ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए ढीठ बताया है। यही नहीं उन्होंने तो इतना तक कह डाला कि अधिकारी, सांसद, मंत्री के भी निर्देशो का पालन नहीं कर रहे हैं। फिर क्या था इस बयान को लेकर सियासी घमासान मचना तय था। इस बयान को लेकर अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम आमने सामने हैं।
TS Singh Deo Statement इस मामले में टीएस सिंहदेव का कहना है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के द्वारा दिए जाने वाले दायित्वों का पालन करते हैं। अधिकारी जनप्रतिधियो को सर कहते हैं, ऐसे में यदि अधिकारी हावी हो रहे हैं तो ये जनप्रतिनिधियों में कमी है। उन्होंने कहा कि ये साफ दिख रहा है कि अधिकरियो से सामंजस्य स्थापित नहीं हो पा रहा है। टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा और यही इस सरकार में हो रहा है।
सिंहदेव का इस मामले में बयान आने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने भी करारा जवाब दिया है। रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए काम कर रही है। कांग्रेस और बाबा की पार्टी ने प्रदेश की हालत खराब कर दी थी उसको हमने ठीक किया। आज मोदी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं और आवास से लेकर महतारी वंदन तक की गारन्टी हम पूरा कर रहे हैं। हमारी पार्टी ने असंभव को संभव कर दिखाया।
वहीं, उन्होंने महापौर भगत की ओर से दिए गए बयान को लेकर कहा कि ढीठ का मतलब ये नहीं कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। सरकार की जो धमक होती है उसके हिसाब से अधिकारी काम करते हैं और हमारी सरकार में जनकल्याणकारी योजना में जो बाधा डालने का काम करेगा उसकी खैर नहीं।