TS Singh Deo Statement: ‘घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा’ सियासी घमासान के बीच टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, जानिए क्यों कही ये बात

Ads

TS Singh Deo Statement: 'घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा' सियासी घमासान के बीच टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, जानिए क्यों कही ये बात

  •  
  • Publish Date - May 23, 2026 / 02:42 PM IST,
    Updated On - May 23, 2026 / 02:43 PM IST

TS Singh Deo Statement: 'घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा' सियासी घमासान के बीच टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, जानिए क्यों कही ये बात / Image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • महापौर मंजूषा भगत ने नेशनल हाईवे की खराब स्थिति को लेकर अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई
  • “घोड़े की सवारी ठीक न हो तो घोड़ा पटक देता है”: टीएस सिंहदेव
  • सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नया राजनीतिक विवाद

This browser does not support the video element.

अंबिकापुर: TS Singh Deo Statement अंबिकापुर में लंबे समय से आम जनता के लिए मुसीबत बनी नेशनल हाईवे को लेकर महापौर मंजूषा भगत का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जनता के बीच ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। मंजूषा भगत ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए ढीठ बताया है। यही नहीं उन्होंने तो इतना तक कह डाला कि अधिकारी, सांसद, मंत्री के भी निर्देशो का पालन नहीं कर रहे हैं। फिर क्या था इस बयान को लेकर सियासी घमासान मचना तय था। इस बयान को लेकर अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम आमने सामने हैं।

सिंहदेव ने दिया घोड़े की सवारी का उदाहरण

TS Singh Deo Statement इस मामले में टीएस सिंहदेव का कहना है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के द्वारा दिए जाने वाले दायित्वों का पालन करते हैं। अधिकारी जनप्रतिधियो को सर कहते हैं, ऐसे में यदि अधिकारी हावी हो रहे हैं तो ये जनप्रतिनिधियों में कमी है। उन्होंने कहा कि ये साफ दिख रहा है कि अधिकरियो से सामंजस्य स्थापित नहीं हो पा रहा है। टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि घोड़े की सवारी अगर ठीक से नहीं होगी तो घोड़ा पटक देगा और यही इस सरकार में हो रहा है।

रामविचार नेताम का सिंहदेव पर करारा पलटवार

सिंहदेव का इस मामले में बयान आने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने भी करारा जवाब दिया है। रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए काम कर रही है। कांग्रेस और बाबा की पार्टी ने प्रदेश की हालत खराब कर दी थी उसको हमने ठीक किया। आज मोदी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं और आवास से लेकर महतारी वंदन तक की गारन्टी हम पूरा कर रहे हैं। हमारी पार्टी ने असंभव को संभव कर दिखाया।

आपस में भिड़े पक्ष-विपक्ष के दिग्गज

वहीं, उन्होंने महापौर भगत की ओर से दिए गए बयान को लेकर कहा कि ढीठ का मतलब ये नहीं कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। सरकार की जो धमक होती है उसके हिसाब से अधिकारी काम करते हैं और हमारी सरकार में जनकल्याणकारी योजना में जो बाधा डालने का काम करेगा उसकी खैर नहीं।

ये भी पढ़ें

अंबिकापुर में विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

अंबिकापुर में नेशनल हाईवे की खराब स्थिति और लंबे समय से जनता को हो रही परेशानी को लेकर महापौर मंजूषा भगत ने अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई, जिसके बाद राजनीतिक विवाद शुरू हुआ।

टीएस सिंहदेव ने ‘घोड़े की सवारी’ वाला उदाहरण क्यों दिया?

टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अधिकारियों के साथ सही तालमेल नहीं बैठा पाएंगे तो अधिकारी हावी हो सकते हैं। इसे समझाने के लिए उन्होंने घोड़े की सवारी का उदाहरण दिया।

सिंहदेव ने अधिकारियों के हावी होने के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?

उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों पर हावी दिख रहे हैं तो यह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य की कमी का परिणाम है।

रामविचार नेताम ने सिंहदेव के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?

रामविचार नेताम ने कहा कि भाजपा सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार अधिकारी काम कर रहे हैं।

महापौर मंजूषा भगत ने अधिकारियों पर क्या आरोप लगाए?

महापौर ने आरोप लगाया कि अधिकारी सांसदों और मंत्रियों के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं तथा जनता की समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।