गुरुग्राम, 21 अप्रैल (भाषा) गुरुग्राम में अधिकारियों ने नकली मौनजारो(तिर्ज़ेपटाइड) इंजेक्शन के निर्माण और बिक्री से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, साथ ही नकली इंजेक्शनों का पता लगाने के लिए देशव्यापी अलर्ट जारी किया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मधुमेह और मोटापे के इलाज में इस दवा का इस्तेमाल होता है।
नकली इंजेक्शनों की जब्ती के बाद मौनजारो इंजेक्शन बनाने वाली दवा कंपनी एली लिली ने प्रतिक्रिया दी।
एली लिली एंड कंपनी (भारत) के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हमें हाल ही में संदिग्ध और नकली उत्पादों की जब्ती से संबंधित एक घटनाक्रम की जानकारी मिली है, जिन पर कथित तौर पर हमारे उत्पाद ब्रांड नाम मौनजारो (तिर्ज़ेपटाइड) का इस्तेमाल किया गया है… लिली रोगी सुरक्षा को अत्यंत गंभीरता से लेती है और अवैध दवाओं के खिलाफ नियामक प्राधिकरण की कार्रवाई का स्वागत करती है।’’
मादक द्रव्य नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने सोमवार को बताया कि नकली इंजेक्शन का पता लगाने के लिए देशव्यापी अलर्ट जारी किया गया है और इस गिरोह में शामिल सभी लोगों सहित पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने सोमवार को सेक्टर 62 स्थित एक आवासीय सोसायटी पर छापा मारा और मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी चीन से कच्ची दवाइयां आयात करके मौनजारो के नकली इंजेक्शन बनाते थे। पूरा गिरोह सोसाइटी के एक फ्लैट से संचालित किया जा रहा था।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि आरोपी इन अवैध इंजेक्शन की आपूर्ति बी2बी पोर्टल इंडियामार्ट के माध्यम से करते थे।
नकली उत्पादों के खिलाफ जांच में सहयोग का आश्वासन देते हुए दवा कंपनी लिली ने कहा कि मरीजों को असुरक्षित नकली दवाओं से बचाने के लिए मजबूत और समन्वित प्रवर्तन उपायों को जारी रखना आवश्यक है।
मौनजारो टाइप2 मधुमेह के उपचार में इस्तेमाल होती है, जो रक्त शर्करा नियंत्रण में काफी सुधार करती है और वजन घटाने में सहायता करती है।
चौहान ने बताया, ‘‘हमें गुरुग्राम में नकली इंजेक्शन के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े गिरोह के बारे में सूचना मिली थी और इसी सूचना के आधार पर हमने छापा मारा।’’
अधिकारी ने बताया कि शनिवार को दिन में टीम ने डीएलएफ फेज 4 में एक वाहन से 70 लाख रुपये के इंजेक्शन बरामद किए थे। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच करते हुए टीम ने सोमवार को सेक्टर 62 स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा, जहां कच्ची दवा में पानी मिलाकर इंजेक्शन तैयार किए जा रहे थे।
उन्होंने बताया, ‘‘पैकेजिंग, बारकोड चिपकाने और लेबल लगाने का काम उसी फ्लैट में किया जा रहा था। टीम ने पैकेजिंग मशीनें भी बरामद कर ली हैं।’’
डीएलएफ फेज 4 से आपूर्तिकर्ता (डिलीवरीमैन) मुज्जमिल को गिरफ्तार किया गया, बाद में मुख्य आरोपी अवि शर्मा को भी हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुज्जमिल उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जबकि अवि गुरुग्राम से है। आरोपियों ने अपने फ्लैट में ये इंजेक्शन तैयार किए थे।’’
चौहान ने बताया, ‘‘इन इंजेक्शन को लेकर देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बैच नंबर भी साझा कर दिए गए हैं ताकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क रहें और नकली इंजेक्शनों का पता लगा सकें।’’
चौहान ने कहा, ‘‘नकली इंजेक्शनों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, यह पता लगाने के लिए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।’’
भाषा शोभना पवनेश
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