फाल्कन ‘धोखाधड़ी’ मामला: सीआईडी ने डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग फर्म अधिकारी को गिरफ्तार किया

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फाल्कन 'धोखाधड़ी' मामला: सीआईडी ने डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग फर्म अधिकारी को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 10:30 PM IST

हैदराबाद, 19 जून (भाषा) तेलंगाना सीआईडी ने शुक्रवार को कहा कि उसने फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग ‘‘धोखाधड़ी’’ मामले में एक डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है।

यह मामला फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग ऐप और वेबसाइट के संचालन से जुड़ा है। आरोप है कि इसके जरिए आरोपियों ने प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी निवेश सौदे तैयार किए और कम अवधि की योजनाओं में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेशकों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

तेलंगाना आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में पता चला कि देशभर के 7,056 जमाकर्ताओं से लगभग 4,215 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इनमें से 4,065 निवेशकों को कथित तौर पर फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के तहत संचालित कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 792 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।

पीड़ितों से मिली शिकायतों के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और तेलंगाना राज्य वित्तीय प्रतिष्ठानों के जमाकर्ताओं का संरक्षण अधिनियम, 1999 की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए और बाद में जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिए गए।

इसमें कहा गया है कि मुख्य आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ देश भर में कई और मामले भी दर्ज किए गए हैं।

सीआईडी के अनुसार, जांच में खुलासा हुआ है कि डिजिटल भुगतान प्रसंस्करण कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी के साथ मिलीभगत की और अपनी कंपनी के माध्यम से पेमेंट गेटवे सेवाएं उपलब्ध कराकर निवेशकों से जमा राशि जुटाने में सहायता की।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश