फरीदाबाद: एनटीए की उत्तर कुंजी से संभावित अंकों के अनुमान के बाद नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या की
फरीदाबाद: एनटीए की उत्तर कुंजी से संभावित अंकों के अनुमान के बाद नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या की
फरीदाबाद, 16 जुलाई (भाषा) हरियाणा के फरीदाबाद में बृहस्पतिवार को 18 वर्षीय एक नीट अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आवासीय सोसाइटी की 16वीं मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि छात्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से इस हफ़्ते जारी नीट परीक्षा संबंधी उत्तर कुंजी से अपने संभावित अंकों का आकलन किया था और अंक उम्मीद से कम होने की आशंका में उसने यह कदम उठाया।
उन्होंने बताया कि मृतका की पहचान दानविता के तौर पर हुई है, जिसने कथित तौर पर सेक्टर 87 स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स सोसाइटी के टॉवर ए2 की छत से पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच छलांग लगा दी।
पुलिस ने कहा कि दानविता ने हाल में नीट की परीक्षा दी थी।
एनटीए ने सोमवार को चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ की उत्तर कुंजी की स्कैन की हुई तस्वीरें जारी कीं, ताकि अभ्यर्थियों को जवाबों को चुनौती देने का मौका मिल सके।
पुलिस के अनुसार, जब दानविता ने उत्तर कुंजी से अपने संभावित अंकों का हिसाब लगाया, तो वह परेशान हो गई क्योंकि उसे अंक अपनी उम्मीदों से कम लगे।
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वह उत्तर कुंजी जारी होने के बाद से मानसिक तनाव में थी और कथित तौर पर इसी वजह से उसने यह चरम कदम उठाया।
पुलिस के अनुसार, दानविता का परिवार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का रहने वाला है और कुछ समय से फरीदाबाद में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता एक निजी कंपनी में वरिष्ठ पद पर हैं। जब यह घटना हुई, तो दानविता घर पर अकेली थी क्योंकि उसकी माँ विजयवाड़ा में थीं।
सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि दानविता अपने परिवार के साथ टॉवर ए1 में रहती थी, लेकिन घटना से पहले वह टॉवर ए2 की छत पर पहुंच गई।
उन्होंने दावा किया कि कूदने से पहले उसने अपनी चप्पलें उतार दीं तथा अपना मोबाइल फ़ोन, कलाई का ब्रेसलेट और चश्मा वहीं रख दिया।
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सूचना मिलने पर भूपानी थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और ज़रूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं।
पेपर लीक के आरोपों के चलते शुरुआती परीक्षा रद्द होने के बाद, 21 जून को मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी।
भाषा
नेत्रपाल माधव
माधव

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