बसपा धरना-प्रदर्शन और हवा-हवाई वादों से जनता को गुमराह करने में विश्वास नहीं करती : मायावती

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बसपा धरना-प्रदर्शन और हवा-हवाई वादों से जनता को गुमराह करने में विश्वास नहीं करती : मायावती

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 06:48 PM IST

लखनऊ, 11 जुलाई (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्‍यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने शनिवार को कहा कि दूसरे दलों की तरह उनकी पार्टी अपना राजनीतिक व चुनावी स्‍वार्थ साधने के लिए धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, हवा-हवाई वादों से जनता को गुमराह करने में विश्वास नहीं करती है।

बसपा प्रमुख ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद का नाम लिए बिना ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह सर्वविदित है कि दूसरे दलों की तरह बसपा अपना राजनीतिक व चुनावी स्‍वार्थ साधने के लिए धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व निजी संपत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिंसक घटनाओं तथा हवा-हवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है।’’

चंद्रशेखर मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के 15 मई को अपहरण के बाद हत्‍या के मामले को लेकर आंदोलनरत हैं।

चंद्रशेखर ने शुक्रवार को ‘एक्‍स’ पर एक पोस्‍ट में बसपा प्रमुख का नाम लिए बिना कहा था, ‘‘सत्‍ता ही सब कुछ है, सत्‍ता के बिना कुछ नहीं हो सकता है।’’

उन्‍होंने कहा, ‘‘यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन हमारे रहबर कांशीराम जी कहा करते थे कि सत्‍ता संघर्ष से मिलती है।’’

चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार सुबह ‘एक्‍स’ पर एक वीडियो फुटेज साझा की, जिसमें आंदोलनरत बसपा संस्थापक कांशीराम को पुलिस से संघर्ष करते देखा जा सकता है।

सांसद आजाद ने इस पोस्ट में लिखा, ‘‘सड़क पर संघर्ष करते हमारे प्रेरणास्रोत, बहुजन आंदोलन के महानायक, रहबर मान्यवर कांशीराम साहब को शत-शत नमन।’’

आजाद के इस पोस्‍ट के कुछ घंटों बाद ही मायावती ने एक पोस्‍ट में कहा, ‘‘बसपा ऐसी तमाम राजनीतिक व चुनावी चालबाजियों से पूरी तरह से पाक-साफ देश की एकमात्र ऐसी अंबेडकरवादी पार्टी है जो ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहां सर्वसमाज में भी ख़ासकर ग़रीबों, मज़दूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है।’’

उन्होंने कहा कि इसका जीता-जागता प्रमाण यहां उत्तर प्रदेश में बसपा के नेतृत्व में चार बार रही सरकार के दौरान व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास तथा अपराध-नियंत्रण रहा है।

मायावती ने दावा किया, ‘‘यह भी सूरज की रौशनी की तरह पूरी तरह से स्पष्ट है कि बसपा विरोधी पार्टियों व उनके इशारे पर चलने वाले दलित संगठनों व पार्टियों आदि की तरह छल व छलावा की राजनीति तथा उनके लिये मगरमच्छ के आंसू नहीं बहाती और न ही संकीर्ण स्वार्थ हेतु गिरगिट की तरह रंग बदलती है।’’

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव में बसपा के प्रभाव को तेजी से आगे बढ़ता हुआ देखकर विरोधी पार्टियों में द्वेष व बेचैनी स्वाभाविक है, और इसलिए वे अपने साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों के तहत कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के लोगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुये हैं।’’

भाषा आनन्द शफीक

शफीक