संसद में एफसीआरए विधेयक का विरोध किया जाएगा : के. सी. वेणुगोपाल

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संसद में एफसीआरए विधेयक का विरोध किया जाएगा : के. सी. वेणुगोपाल

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 05:40 PM IST

अलप्पुझा, नौ अगस्त (भाषा) कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार संसद में प्रस्तावित एफसीआरए विधेयक पेश करती है, तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित तीन मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर पूछे जा रहे सवालों का जवाब देने की भी मांग की।

अलप्पुझा से लोकसभा सदस्य वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह सवालों से बचने के लिए संसद नहीं आ रहे हैं ।

उन्होंने कहा,‘‘अगर केंद्र सरकार को लगता है कि वह इन दो-तीन दिनों में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन अधिनियम (एफसीआरए) विधेयक तैयार करके पेश कर सकती है, तो उसे यह इच्छा अपने तक ही रखनी चाहिए।’’

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून अल्पसंख्यकों और गैर सरकारी संगठनो (एनजीओ)को निशाना बनाता है और कहा कि विपक्ष इसे पारित नहीं होने देगा।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जब भारत में छात्र यह अहम सवाल पूछते हैं कि उनके विरोध-प्रदर्शन को दबाने के लिए पैलेट गन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया, तो अमित शाह इसका जवाब देने के लिए आगे नहीं आते।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘अगर अमित शाह इस जन-विरोधी विधेयक को पारित कराने आते भी हैं, तो इसमें कोई शक नहीं कि उन्हें संसद में कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। यह विधेयक असंवैधानिक और जन-विरोधी है। हम ऐसे जन-विरोधी और असंवैधानिक विधेयक को पारित नहीं होने देंगे।’’

कांग्रेस नेता ने एफसीआरए के तहत चंदा पाने वाले एनजीओ पर प्रस्तावित पाबंदियों का विरोध किया। उन्होंने इसी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)से जुड़ी संस्थाओं को कथित तौर पर विदेश से मिलने वाले धन पर भी सवाल उठाए।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘अगर हिम्मत है तो आरएसएस को नियंत्रित करके दिखाएं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून के तहत एफसीआरए के दायरे में कानूनी रूप से काम करने वाले संगठनों को निशाना बनाया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने प्रस्तावित परिसीमन के संबंध में कहा कि इससे उन राज्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को सफलतापूर्वक लागू किया है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण और पूर्वोत्तर के कई राज्यों, पंजाब और ओडिशा ने जनसंख्या नियंत्रण के अपने अनुभव से सीखा है और सवाल उठाया कि क्या भारत की अखंडता की चिंता करने वाली सरकार ऐसा कानून लाएगी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप