कुरुक्षेत्र, 20 अप्रैल (भाषा) कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता दिग्विजय सिंह चौटाला और पार्टी की छात्र इकाई इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (इनसो) के कुछ नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह प्राथमिकी विश्वविद्यालय में सात अप्रैल को आयोजित छात्र संगठन के एक कार्यक्रम के संबंध में दर्ज की गई है। इसमें सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं को लागू किया गया है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुर्सियों और अन्य सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
प्राथमिकी में नामजद 11 लोगों में दिग्विजय चौटाला के अलावा इनसो नेता जसविंदर खैरा और विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर भी शामिल हैं। कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि दो अप्रैल को नशामुक्ति और इसमें युवाओं की भूमिका से जुड़े एक कार्यक्रम के लिए हॉल बुकिंग का अनुरोध प्राप्त हुआ था।
यह बुकिंग एक सहायक प्रोफेसर के नाम पर की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दिन सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि इसमें लगभग 300-400 छात्रों और बाहरी लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान राजनीतिक भाषण भी दिए गए, जिससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और सामाजिक सद्भाव को ठेस पहुंची। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर कई कुर्सियों और अन्य सामान को भी तोड़ दिया गया।
दिग्विजय चौटाला ने प्राथमिकी के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सरकार को लगता है कि वह हमें डरा देगी। सरकार विश्वविद्यालयों को केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) तक सीमित रखना चाहती है। वह फीस वृद्धि, हॉस्टल सुविधाओं और छात्र संघ चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप है।’
उन्होंने कहा, ‘‘यह लड़ाई केवल जेजेपी या इनसो की नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता की है। अगर आज हमारी आवाज दबा दी गई, तो कल कोई बोलने की हिम्मत नहीं करेगा।’’
वहीं, इनसो के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर खैरा ने आरोप लगाया कि यह मामला सरकार के निर्देश पर दर्ज किया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सात अप्रैल को कुछ गलत हुआ था, तो मामला दर्ज करने में दो हफ्ते का समय क्यों लगा?
खैरा ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण कुर्सियां टूट गई थीं और उन्होंने इसका हर्जाना भरने की पेशकश भी की थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच कर रहा है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में भी इसी तरह के एक कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में चौटाला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
भाषा सुमित दिलीप
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