जम्मू, 28 जून (भाषा) अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक में 68 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की।
बैंक की आंतरिक सतर्कता जांच में फर्जी ऋण खाते, अनधिकृत लेनदेन और धन के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ था।
अपराध शाखा के प्रवक्ता ने बताया कि बैंक के ऑडिट, निरीक्षण एवं सतर्कता प्रमुख की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में पाया गया कि कालूचक शाखा में 15 संयुक्त देयता समूहों (जेएलजी) के तहत 58 ऋण खाते तथा नकदी ऋण सीमा खाते से संबंधित दो खाताधारकों की जानकारी या सहमति के बिना कथित तौर पर खोले और संचालित किए गए, जिससे करीब 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 12 लाख रुपये तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक भगवान सिंह सैनी (दिवंगत) के नाम से संचालित बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए, जबकि शेष राशि एटीएम के माध्यम से निकाली गई।
एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ने भी कथित तौर पर एक जेएलजी खाते से दो लाख रुपये व्यक्तिगत उपयोग में लेने की बात स्वीकार की।
सुरनकोट शाखा से जुड़ी अलग शिकायत में शाखा प्रमुख रोहित कुमार और अन्य पर 7.37 लाख रुपये के अनधिकृत लेनदेन तथा करीब 19 लाख रुपये के फर्जी ऋण खातों के जरिये धोखाधड़ी का आरोप है।
जम्मू अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैसल कुरैशी ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की रिपोर्ट करें, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
भाषा राखी सुरेश
सुरेश