पटाखा कारखाना विस्फोट : एक और आरोपी पर एनएसए, चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला

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पटाखा कारखाना विस्फोट : एक और आरोपी पर एनएसए, चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 02:16 PM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 02:16 PM IST

देवास/इंदौर, 15 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के देवास जिले में पटाखों के कारखाने में विस्फोट के मामले में प्रशासन ने एक और आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है, जबकि पुलिस ने कारखाना मालिक समेत चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या के इल्जाम में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

प्रशासन ने इस घटना में अब तक पांच मजदूरों की मौत और 23 श्रमिकों के घायल होने की पुष्टि की है।

अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने पटाखा कारखाने के प्रबंधक आजास खान के खिलाफ भी सख्त प्रावधानों वाला एनएसए लगा दिया है।

उन्होंने बताया कि कारखाने के मालिक अनिल मालवीय को बृहस्पतिवार को एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ने एनएसए के तहत दोनों आरोपियों को तीन-तीन माह की अवधि के लिए उज्जैन के केंद्रीय जेल में बंद रखे जाने का आदेश दिया है।

पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, टोंकखुर्द थाने में मालवीय और खान के साथ ही पटाखा कारखाना के एक अन्य प्रबंधक महेश और ठेकेदार भूपेंद्र उर्फ छोटू पर गैर इरादतन हत्या और अन्य आरोपों में भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्राथमिकी में कहा गया है कि कारखाने में निर्धारित मात्रा से अधिक विस्फोटक पदार्थ रखकर पटाखों का निर्माण एवं भंडारण किया जा रहा था और इस इकाई में मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं थे।

इस बीच, जिला प्रशासन ने पटाखा कारखाने में विस्फोट की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन किया है। इसमें बिजली विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अफसरों को शामिल किया गया है।

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) और अपराध विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी भी घटना की जांच कर रहे हैं।

अग्निकांड में झुलसे 23 मरीजों में से तीन लोग इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में गंभीर हालत में भर्ती हैं।

एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया, ‘‘तीनों मरीज 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक उनकी सेहत की लगातार निगरानी कर रहे हैं।’’

भाषा हर्ष

मनीषा

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