(तस्वीरों के साथ)
पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 15 मई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को श्री सत्य साई जिले में यहां लगभग 16,000 करोड़ रुपये की लागत वाली लड़ाकू विमान अवसंरचना परियोजना की आधारशिला रखी।
सिंह ने कहा कि यह भारत के रक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।
सिंह और नायडू ने उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम अवसंरचना की आधारशिला रखी।
रक्षा मंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज आंध्र प्रदेश के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत हो रही है और भारत के रक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जा रहा है। आज के शिलान्यास समारोह में चार बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हो रही है। इनके अलावा आठ ड्रोन कंपनियां भी कुरनूल में ड्रोन सिटी की शुरुआत कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है और ऐसे कठिन समय में यदि हम अपनी ताकत के दम पर खड़े हो सकते हैं, तो हम मजबूती से अपनी रक्षा कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब भी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अन्य देशों पर निर्भर है और इसी कारण आज शुरू हो रही परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि पुट्टपर्थी में शुरू की जा रही परियोजना का विकास वैमानिक विकास अभिकरण (एडीए) द्वारा किया जा रहा है जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का हिस्सा है। सिंह ने कहा कि यह एजेंसी पांचवीं पीढ़ी के एएमसीए लड़ाकू विमान का विकास कर रही है।
सिंह ने कहा कि लगभग 16,000 करोड़ रुपये के निवेश से यहां विमान एकीकरण और उन्नत उड़ान परीक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं दुनिया के केवल कुछ ही देशों के पास हैं।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि विभिन्न रक्षा सुविधाओं के विकसित होने से आंध्र प्रदेश देश की रक्षा ढाल बनकर उभरेगा।
एएमसीए परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नायडू ने कहा कि यह पहल भारत के रक्षा क्षेत्र की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगी और स्वदेशी तकनीक के जरिए लड़ाकू विमान निर्माण को मजबूती देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुट्टपर्थी में लगभग 650 एकड़ भूमि पर स्थापित की जा रही एएमसीए परियोजना एक समर्पित टाउनशिप के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और करीब 7,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
नायडू ने ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ को भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत पहल की सफलता का गौरवशाली उदाहरण बताया।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई 2025 में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर “ऑपरेशन सिंदूर” नाम से सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
एएमसीए परियोजना के साथ-साथ सिंह और नायडू ने कुछ अन्य रक्षा तथा ड्रोन सिटी परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, बाद में दोनों नेताओं ने मिसाइलों, हथगोलों, अत्याधुनिक बंदूकों, लड़ाकू विमान के प्रोटोटाइप और अन्य रक्षा उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
भाषा गोला नरेश
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