दिल्ली में बारिश के बीच भी कॉजपा के प्रदर्शन में भूख हड़ताल पर डटे रहे आइसा के पांच छात्र

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दिल्ली में बारिश के बीच भी कॉजपा के प्रदर्शन में भूख हड़ताल पर डटे रहे आइसा के पांच छात्र

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  • Publish Date - July 7, 2026 / 09:26 PM IST,
    Updated On - July 7, 2026 / 09:26 PM IST

नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के पांच सदस्य मंगलवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे रहे।

वे वहां कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे हैं। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि देश की विभिन्न परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं।

आइसा सदस्य नेहा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह तय नहीं किया है कि भूख हड़ताल कब तक चलेगी। हमारा उद्देश्य इस आंदोलन को और मजबूत करना तथा आगे बढ़ाना है। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।’’

नेहा ने बताया कि शुरुआत में छह छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, लेकिन उनमें से एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के कारण उसे बीच में ही हड़ताल समाप्त करनी पड़ी।

जंतर-मंतर पर कॉजपा का प्रदर्शन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का दसवां दिन पूरा हो गया।

कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन छह किलोग्राम से अधिक कम हो गया है और उनका रक्तचाप अब भी ‘‘काफी कम’’ बना हुआ है।

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉजपा के मूल ‘एक्स’ खाते को बहाल करने का आदेश दिया, जिसे मई में भारत में रोक दिया गया था।

अदालत के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने इसे कॉजपा, आंदोलन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल अधिकारों की ‘‘बड़ी जीत’’ बताया।

कॉजपा ने 20 जून को देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद से इस आंदोलन को कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों का समर्थन मिल चुका है।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश