दिल्ली में आवासीय इमारत की 10वीं मंजिल से गिरकर पांच साल की बच्ची की मौत

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दिल्ली में आवासीय इमारत की 10वीं मंजिल से गिरकर पांच साल की बच्ची की मौत

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 08:55 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी एक्सटेंशन में स्थित एक आवासीय इमारत की 10वीं मंजिल से कथित तौर पर गिरने से पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और घटना के क्रम का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

बच्ची अपने परिवार के साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा विकसित 14 मंजिला आशा किरण अपार्टमेंट में रहती थी। यह घटना शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे हुई।

प्रारंभिक जांच के अनुसार बच्ची शाम को पहले सो गई थी, लेकिन बाद में उसकी नींद खुल गई। उस समय उसके माता-पिता घरेलू कामकाज में व्यस्त थे।

पुलिस के मुताबिक मां को अपने पास नहीं पाकर बच्ची कथित तौर पर बालकनी की ओर चली गई और नीचे देखने के लिए रेलिंग पर झुकी, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई।

बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पिता मिथुन दास इलाके में मछली की दुकान चलाते हैं।

पुलिस ने बताया कि अपराध जांच दल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आवासीय परिसर तथा उसके आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

जांचकर्ता परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य निवासियों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।

बच्ची के परिजनों ने इस हादसे के लिए बहुमंजिला इमारत में पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव को जिम्मेदार ठहराया।

परिवार के एक सदस्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ यदि बालकनियों में सुरक्षा ग्रिल या जाली लगी होती तो हमारी बच्ची आज जिंदा होती। ऐसी इमारतों में बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम होने चाहिए।’’

एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

उन्होंने कहा, ‘‘उसकी अभी-अभी नींद खुली थी और वह अपनी मां को ढूंढ़ रही थी। कुछ ही पलों में वह हमसे हमेशा के लिए दूर हो गई। भगवान किसी भी परिवार को ऐसी त्रासदी न दिखाए।’’

पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

नरेश