श्रीनगर, पांच सितंबर (भाषा) बेहतर मौसम के चलते कश्मीर घाटी में नदियों के जलस्तर में कमी आने से अधिकतर क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को सुधार हुआ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पिछले 24 घंटे में घाटी में बहुत ही कम बारिश हुई और झेलम नदी तथा अन्य जल स्रोतों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है।
अनंतनाग जिले के संगम और श्रीनगर के राम मुंशीबाग में झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। घाटी के अन्य इलाकों में भी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन लगातार कम हो रहा है।
झेलम नदी की सभी सहायक नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और किसी भी हिस्से में टूट-फूट की सूचना नहीं मिली है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन कुछ जगहों पर स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक सावधानी बरतते हुए प्रभावित स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
अनंतनाग जिले में बाढ़ के बाद मिट्टी कटाव से कई स्थानों पर नदी के किनारे बनी संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है जबकि कुछ जगह हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
सुरक्षा कारणों से कश्मीर में स्कूल एवं कॉलेज तीसरे दिन भी बंद रखे गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ के बाद की स्थिति को लेकर एक बैठक की अध्यक्षता की और उन्होंने कमजोर ढांचों को मजबूत करने, बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों के सुरक्षित स्थानांतरण और 24 घंटे नियंत्रण कक्षों के माध्यम से सतत निगरानी का निर्देश दिया।
साथ ही, उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत, जल आपूर्ति और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सेवाओं की शीघ्र बहाली का भी आदेश दिया।
भाषा मनीषा नरेश
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