दिल्ली और मुंबई में बारिश से जलभराव, पुणे में इमारत ढही

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दिल्ली और मुंबई में बारिश से जलभराव, पुणे में इमारत ढही

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 07:43 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 07:43 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) देश के एक बड़े हिस्से में बुधवार को भारी मानसूनी बारिश हुई, जिससे कई जगह अचानक बाढ़ आ गई और रेल एवं सड़क यातायात में बड़े पैमाने पर बाधा उत्पन्न हुई। दिल्ली और मुंबई के कई हिस्सों में जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं, महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ में भारी बारिश के दौरान इमारत ढह गई, जहां मलबे में 16 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से बुधवार को फोन पर बात कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

मंगलवार को वायनाड जिले की मेप्पाडी पंचायत में करोड़ों रुपये की सुरंग परियोजना के स्थल पर बारिश से भीगी हुई मिट्टी का ढेर ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में दस लोग घायल हो गए और पांच लापता हैं।

मुंबई में भारी बारिश का दौर थोड़े विराम के बाद बुधवार सुबह फिर शुरू हो गया जिससे उपनगरीय रेल सेवाएं प्रभावित रहीं और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पड़ोसी जिले पालघर के वसई-विरार क्षेत्र तथा दक्षिण गुजरात के कई स्थानों पर जलभराव के कारण लंबी दूरी की रेल सेवाएं बाधित रहीं। वहीं, सोमवार को भोर घाट क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल परिचालन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है।

दिल्ली में बुधवार को हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया और सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गयी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ घंटों में गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान 14.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने बताया कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की काफी संभावना है, जबकि अन्य इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

बारिश के कारण सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड समेत शहर के कई इलाकों में जलजमाव हो गया।

कुछ स्थानों पर पैदल चलने वालों को घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते देखा गया।

महाराष्ट्र के कई हिस्से मॉनसून की भारी बारिश से जूझ रहे हैं और नदियां उफान पर हैं, ट्रेन सेवाएं बाधित हुई हैं तथा भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में बुधवार को भारी बारिश के बाद, कचरे का एक बड़ा ढेर तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे वह ढह गई और कम से कम 16 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि यह घटना मोशी में हुई, जहां उस इमारत का इस्तेमाल एक निजी कंपनी के प्रशासनिक कार्यालय के तौर पर किया जा रहा था। यह कंपनी नगर निकाय की ओर से उस जगह पर कचरे का प्रसंस्करण कर रही थी।

महाराष्ट्र के नासिक जिले में लगातार बारिश के बीच गोदावरी नदी में जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, भूस्खलन और सड़कें बंद होने की भी सूचना है।

जिला प्रशासन ने गोदावरी, कडवा और गिरना नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में उल्हास नदी में उफान और पटरियों पर जल जमाव की वजह से नेरल और कर्जत स्टेशन के बीच ट्रेन सेवाएं बुधवार को करीब एक घंटे तक बाधित रहीं।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि जलसंग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण उल्हास नदी सुबह 9.30 बजे से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। उन्होंने बताया कि इसी वजह से रेल पटरियों पर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही अनेक जगह पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बारिश का दौर अभी कुछ दिन जारी रहेगा।

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बुधवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कई स्थानों पर बादलों की गरज एवं बिजली की चमक के साथ तेज हवाएं चलीं। इस दौरान अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं कहीं पर भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 96.0 मिलीमीटर बारिश रामगंज मंडी (कोटा) में हुई।

हिमाचल प्रदेश में भी बुधवार को बारिश का दौर जारी रहा और शिमला जिले के रामपुर उप मंडल के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ से सड़क संपर्क बाधित हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की वजह से गानवी खड्ड नाले पर बना एक अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्याओ और कुट पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कें बाधित हो गईं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि नाले के दोनों तरफ फंसे राहगीर और स्थानीय लोग पत्थर हटाकर रास्ता बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाषा

शफीक अविनाश

अविनाश