जयपुर, 27 अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में ‘‘अभूतपूर्व और सकारात्मक माहौल’’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर चुनावी मैदान को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होंगे तथा मतगणना के बाद परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
गहलोत ने एक बयान में कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार की ‘‘पूरी तरह विफलता’’ और कांग्रेस संगठन की जिला, ब्लॉक, मंडल तथा वार्ड स्तर तक सक्रियता के कारण नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में वर्षों बाद ऐसा ‘‘अभूतपूर्व और सकारात्मक माहौल’’ देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मिल रही खबरों के अनुसार, हर गली-मोहल्ले से जो संकेत मिल रहे हैं, वे बता रहे हैं कि कांग्रेस सभी दस नगर निगमों में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने की ओर बढ़ रही है, जबकि शहरों को हमेशा से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में जनता का रुख स्पष्ट रूप से कांग्रेस के पक्ष में झुका हुआ नजर आ रहा है।
राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा को खुद इस बात का एहसास है और इसी कारण हार के डर से पहले चुनाव टाले गए।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की फटकार के बाद जब चुनाव कराने पड़े तो अब भाजपा सरकार पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर चुनावी मैदान को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘पहले स्वयं मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को बुलाकर भाजपा का सहयोग करने का दबाव बनाया। अब जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से लेकर उपखंड अधिकारी स्तर तक दबाव डाला जा रहा है।’’
गहलोत ने कहा कि जनता अपना मन बना चुकी है और कोई भी प्रशासनिक दबाव उस जनमत को नहीं बदल सकता।
उन्होंने अधिकारियों से संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्षता से काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा गलत तौर-तरीकों में शामिल होने पर कांग्रेस की सरकार आने पर उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी।’’
भाषा
पृथ्वी रवि कांत