बांग्लादेश के साथ तनाव के बीच 2025 में भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में 9.4 प्रतिशत की गिरावट

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बांग्लादेश के साथ तनाव के बीच 2025 में भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में 9.4 प्रतिशत की गिरावट

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  • Publish Date - February 28, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 07:20 PM IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच कम वीजा जारी किए जाने के कारण 2025 में भारत में आए विदेशी पर्यटकों की संख्या में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आई और पिछले साल 90.2 लाख पर्यटक देश में आए।

पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, 2025 में इससे पिछले वर्ष की तुलना में बांग्लादेश से आए पर्यटकों की संख्या में 73.37 प्रतिशत की गिरावट आई।

आंकड़ों के अनुसार, 2025 में बांग्लादेशी पर्यटकों की कुल संख्या 4,66,012 रही, जो 2024 में 17,50,165 थी।

भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पांच अगस्त, 2024 के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा जारी किए जाने पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के अपदस्थ होने के बाद से ढाका और नयी दिल्ली के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हालांकि, बांग्लादेश को छोड़ दिया जाए, तो 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे संकेत मिलता है कि पर्यटकों की कुल संख्या में गिरावट का बड़ा कारण पड़ोसी देश से आने वाले लोगों की संख्या में तेज गिरावट रहा।

पिछले साल अमेरिका से सर्वाधिक पर्यटक भारत आए। अमेरिका से आने वाले पर्यटकों की संख्या 18.1 लाख रही। इसके बाद ब्रिटेन से 10.7 लाख पर्यटक आए। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया (5.4 लाख) और कनाडा (5.3 लाख) से उल्लेखनीय संख्या में पर्यटक आए।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान भारत से 327.1 लाख पर्यटक विदेश गए जो 2024 की तुलना में 5.9 प्रतिशत और 2019 की तुलना में 21.5 प्रतिशत अधिक है।

भारतीय पर्यटकों के लिए 26.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शीर्ष गंतव्य रहा। इसके बाद सऊदी अरब (10.3 प्रतिशत), थाईलैंड (6.8 प्रतिशत), अमेरिका (6.1 प्रतिशत) और सिंगापुर (4.7 प्रतिशत) रहे।

भारतीय पर्यटकों में से 43.5 प्रतिशत यात्री छुट्टियां मनाने के लिए विदेश गए। इसके बाद इस संख्या में भारतीय प्रवासी वर्ग का हिस्सा 34.1 प्रतिशत और व्यावसायिक यात्राओं की हिस्सेदारी 14.6 प्रतिशत रही।

विदेश यात्राओं के लिए प्रस्थान का मुख्य स्थल दिल्ली रही, जिसकी 22.7 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। इसके बाद मुंबई 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही।

भाषा सिम्मी सुरेश

सुरेश