विरोध मार्च: जेएनयूएसयू ने जमानत के बावजूद जेल में बंद 14 छात्रों की रिहाई की मांग की

Ads

विरोध मार्च: जेएनयूएसयू ने जमानत के बावजूद जेल में बंद 14 छात्रों की रिहाई की मांग की

  •  
  • Publish Date - February 28, 2026 / 07:23 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 07:23 PM IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने गिरफ्तार किए गए 14 छात्रों की रिहाई की शनिवार को मांग की और आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बावजूद उन्हें प्रक्रियात्मक देरी और पुलिस कार्रवाई के कारण जेल में रखा गया है।

जेएनयूएसयू महासचिव सुनील यादव ने एक बयान में कहा कि ये गिरफ्तारियां शिक्षा मंत्रालय तक हाल में ‘लॉन्ग मार्च’ निकाले जाने के बाद हुईं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान परिसर के नार्थ गेट पर बैरिकेडिंग के कारण लोग घायल हुए।

छात्र संघ के अनुसार, तीन पदाधिकारियों सहित 14 छात्रों को तिहाड़ जेल भेजा गया था। छात्र संघ के अनुसार उन्हें जमानत तो मिल गई है, लेकिन अदालत द्वारा स्थायी पते के सत्यापन की शर्त के कारण उनकी रिहाई में देरी हो रही है। महासचिव ने स्थिति को “कानूनी गतिरोध” बताते हुए कहा कि “यह प्रक्रिया ही सजा है।”

उन्होंने दलील दी कि जिन छात्रों को जमानत मिल चुकी है उन्हें पते के सत्यापन को लेकर हिरासत में नहीं रखा जा सकता। छात्र संघ ने कहा कि मामला ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है और अदालतें सात मार्च तक बंद रहेंगी। छात्र संघ ने यह भी कहा कि जेएनयूएसयू की विधिक टीम शनिवार (28 फरवरी) को दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का रुख करेगी।

जेएनयूएसयू ने कहा कि प्रक्रियात्मक देरी के कारण छात्रों को एक सप्ताह से अधिक समय तक ‘अवैध हिरासत’ में रखा गया है।

छात्र संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में रखे गए कुछ छात्रों को पुलिस कार्रवाई के दौरान चोटें आई थीं। उसने दावा किया कि दो छात्रों की हड्डियां टूट गईं और संयुक्त सचिव दानिश अली वर्तमान में हिरासत में हैं और उनकी टूटी टांग का अभी तक उचित प्लास्टर नहीं किया गया है।

छात्र संघ ने अपने बयान में, अपनी मांगों को दोहराया, जिनमें घायलों के लिए तत्काल चिकित्सा देखभाल, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, ज्यादतियों के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्राथमिकी को वापस लेना शामिल है।

बृहस्पतिवार शाम को जेएनयू में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में चौदह प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल थे। यह मार्च विश्वविद्यालय कुलपति द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम पर की गई टिप्पणियों के विरोध में जारी प्रदर्शनों का हिस्सा था।

हालांकि, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय के गेट पर ही रोक दिया, जहां भारी बैरिकेडिंग की गई थी, जिसके बाद झड़प हुई।

बृहस्पतिवार शाम को मिश्रा और कुमार सहित कुल 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस का दावा है कि छात्रों ने झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमला किया, जिससे कई कर्मी घायल हो गए।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश