पूर्वोत्तर राज्यों के स्थापना दिवस से आपसी जुड़ाव मजबूत होता है: ले. जनरल (सेवानिवृत्त) परनाइक

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पूर्वोत्तर राज्यों के स्थापना दिवस से आपसी जुड़ाव मजबूत होता है: ले. जनरल (सेवानिवृत्त) परनाइक

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 08:51 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 08:51 PM IST

ईटानगर, 21 जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनाइक ने बुधवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के स्थापना दिवस मनाने से लोगों के बीच आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है तथा इससे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बल मिलता है।

ईटानगर स्थित लोक भवन में मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित संयुक्त समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इसी के साथ राज्यपाल ने तीनों राज्यों की जनता को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र अपने साझा इतिहास, सांस्कृतिक विविधता और घनिष्ठ सामाजिक संबंधों के कारण एक सूत्र में बंधा हुआ है।

राज्यपाल परनाइक ने कहा कि मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा की अरुणाचल प्रदेश के साथ कई समानताएं हैं।

उन्होंने कहा कि इन राज्यों की समृद्ध परंपराएं, जीवंत संस्कृतियां और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक परिदृश्य एक साझा विरासत को दर्शाती हैं, जो यहां के लोगों को आपस में जोड़ती है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 के तहत मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था।

इस समारोह में अरुणाचल प्रदेश में रह रहे इन तीनों राज्यों के समुदायों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान तीनों राज्यों की परंपराओं को दर्शाने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश