नाबालिग बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, मां सहित चार गिरफ्तार

नाबालिग बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, मां सहित चार गिरफ्तार

नाबालिग बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, मां सहित चार गिरफ्तार
Modified Date: August 3, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: August 3, 2026 7:39 pm IST

देहरादून, तीन अगस्त (भाषा) उत्तराखंड पुलिस ने देहरादून में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले का खुलासा करते हुए उसकी खरीद-फरोख्त के आरोप में उसकी मां सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय एक महिला ने कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए अपनी 15 वर्षीय बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया था लेकिन पूरी रकम नहीं मिलने पर पुलिस में उसके अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) नितिन लोहनी ने बताया कि पिछले महीने सहस्त्रधारा रोड निवासी महिला ने अपनी बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर राजपुर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (2) के तहत एक मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की गयी।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मोबाइल फोन सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस को लड़की के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में होने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि इस पर पुलिस ने वहां से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया और इस संबंध में दो आरोपियों मनीष (37) और लवी कुमार (24) को गिरफ्तार किया।

लोहनी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि लवी कुमार ने नाबालिग लड़की को पिंकी मलिक (37) नाम की एक महिला के माध्यम से कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये में उसकी मां से खरीदा था, जिसे बाद में उसने विवाह कराने के उद्देश्य से दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया।

सीओ के मुताबिक, इसके बाद पुलिस ने पिंकी और शिकायतकर्ता महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में नाबालिग लड़की की मां ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने अपनी नाबालिग बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया था लेकिन तय राशि में से पिंकी ने उसे केवल 80 हजार रुपये दिए। सीओ के मुताबिक, उसने बताया कि शेष रकम नहीं मिलने और मामले के उजागर होने के भय से उसने बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।

लोहनी ने बताया कि पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी कहीं पहले भी तो इस प्रकार की घटनाओं में शामिल नहीं रहे हैं।

भाषा दीप्ति अमित

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