जयपुर, 27 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया कि उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के चार वर्ष बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सका।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोई मंशा नहीं दिखती।
गहलोत ने कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रही है और इसकी सुनवाई विशेष अदालत में जारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राजस्थान, दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद मामले में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक 180 गवाहों में से केवल 21 के ही बयान दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी केवल लापरवाही नहीं बल्कि मामले को जानबूझकर लंबा खींचने का प्रयास प्रतीत होती है।
गहलोत ने कहा, ‘‘भाजपा ने इस मुद्दे का चुनावी लाभ उठाया लेकिन पीड़ित परिवार को समय पर न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही। चुनाव के दौरान पार्टी ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था लेकिन अब आरोपियों को सजा दिलाने के मुद्दे पर पूरी तरह खामोश है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अब राजस्थान के दौरे के दौरान इस मामले का उल्लेख नहीं करते।
कांग्रेस के दिग्गज नेता ने राज्य की जनता से इस मुद्दे पर भाजपा के राजनीतिक रवैये को समझने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लोगों की भावनाओं के साथ राजनीति की है।
जून 2022 में कन्हैयालाल की उनकी दुकान में घुसकर दो लोगों ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी।
घटना के समय राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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