Ram Mandir Chanda Chori: “देश की न्याय व्यवस्था गुलाम बनी हुई है”, चंदा चोरी पर शिवसेना सांसद का बड़ा आरोप, SIT पर भी उठाए सवाल

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Mandir Chanda Chori: श्री राम मंदिर में चंदा चोरी मामले शिवसेना सांसद अरविंद सावंत की प्रतिक्रिया सामने आई है।

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 12:11 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 12:14 PM IST

Ram Mandir Chanda Chori

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, सभी को हिरासत में लिया गया
  • शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए न्याय व्यवस्था और SIT पर सवाल उठाए
  • SIT मामले की जांच कर रही है, मुख्यमंत्री योगी ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है

Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। एफआईआर में आठ आरोपियों का नाम है, जिनमें से छह मंदिर के कर्मचारी हैं जो नकद गिनने का काम करते हैं। वहीं, चंदे में हेराफेरी के मुद्दे पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, “इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि देश की न्याय व्यवस्था गुलाम बनी हुई है।

अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि देश की न्याय व्यवस्था गुलाम बनी हुई है। संविधान की रक्षा कौन कर सकता है? न्याय व्यवस्था। लेकिन क्या वह अपना काम करती है? सुप्रीम कोर्ट भी ऐसा नहीं कर रहा है। वे गुलामों की तरह बैठे हैं… क्या आपको इन SIT पर भरोसा है? SIT वही तय करेगी जो उन्हें इशारा किया जाएगा और बताया जाएगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि रामलला ने न्याय किया – वे ‘जय श्री राम’ कहते हैं और भ्रष्टाचार करते हैं, लेकिन उन्होंने उनके मुंह पर तमाचा मारा है।”

कर्मों का फल अवश्य मिलेगा: बागेश्वर धाम

श्री राम मंदिर (Ram Mandir Chanda Chori) में हुई चोरी की घटना पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जिस रावण ने माता सीता का हरण किया था, उसका पूरा वंश नष्ट हो गया था। जो लोग राम मंदिर में चोरी जैसा पाप करेंगे, उन्हें भी भगवान महादंड देंगे।” उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों पर अपराध करना केवल कानून का ही नहीं, बल्कि धर्म और समाज के प्रति भी गंभीर अपराध है। ऐसे लोगों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा। बागेश्वर महाराज के इस बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं।

ट्रस्ट के 8 सदस्यों पर केस दर्ज

Ram Mandir Chanda Chori पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ था।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एसआईटी ने कुछ ‘कठोर’ सिफारिशें की हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर ‘बहुत गंभीर’ हैं।

अधिकारी ने बताया कि नामजद लोगों में से ज्यादातर दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। उन्होंने बताया कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के बारे में कहा जाता है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वाहन चालक था। टिन्नू ने हालांकि पूर्व में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दान और चढ़ावे की रकम गिनने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया था और कहा था कि उससे जलने वाले कुछ लोग उसका नाम उछाल रहे हैं। हालांकि उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए थे।

UP सरकार ने गठित की थी एसआईटी

Ram Mandir Chanda Chori लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा नामक आरोपी भी मंदिर में मिले दान की रकम और अन्य कीमती सामान की गिनती का काम करते थे। इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की थी। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ है?

इस मामले में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें हिरासत में लिया गया है।

आरोप किन लोगों पर लगे हैं?

फआईआर में नामजद अधिकांश आरोपी मंदिर में दान और चढ़ावे की नकदी गिनने की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं।

अरविंद सावंत ने क्या कहा?

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने न्याय व्यवस्था और SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाए तथा कहा कि "रामलला ने भ्रष्टाचार करने वालों को तमाचा मारा है।"

इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) मामले की जांच कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा है?

मुख्यमंत्री ने कहा है कि SIT की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।