एमआईएफएफ में एफटीआईआई पुणे के छात्रों और पूर्व छात्रों का दबदबा, कई पुरस्कार जीते

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एमआईएफएफ में एफटीआईआई पुणे के छात्रों और पूर्व छात्रों का दबदबा, कई पुरस्कार जीते

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 05:40 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) 2026 में पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) ने शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। इसके विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों ने महोत्सव के कई प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम किए।

इन पुरस्कारों की घोषणा रविवार को मुंबई में आयोजित एमआईएफएफ 2026 के समापन समारोह में की गई। समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, फिल्मकार, फिल्म उद्योग से जुड़े प्रमुख लोग और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।

एफटीआईआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, एमआईएफएफ 2026 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता श्रेणी में दिए गए छह सम्मानों में से चार एफटीआईआई से जुड़े फिल्मकारों ने अपने नाम किए।

एफटीआईआई के विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को आईडीपीए सर्वश्रेष्ठ छात्र फिल्म पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक के लिए दादा साहब फाल्के चित्रनगरी पुरस्कार, ‘विकसित भारत / वंदे मातरम के 150 वर्ष / भारत-2047’ पर सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया और दूसरे ‘वेव्स डॉक बाजार’ के तहत अनुदान भी दिया गया।

एफटीआईआई द्वारा निर्मित लघु कथा फिल्म ‘स्मॉल क्लाउड्स’ को सर्वश्रेष्ठ भारतीय लघु कथा फिल्म के लिए ‘सिल्वर कॉन्च’ पुरस्कार और तीन लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। इस फिल्म का निर्देशन शुभम सुमित ने किया है।

समापन समारोह में यह पुरस्कार एफटीआईआई के कुलपति धीरज सिंह और फिल्म के निर्देशक ने प्राप्त किया।

इस फिल्म ने अपनी जीत का सिलसिला आगे भी जारी रखा। एफटीआईआई के छात्र रणधीर विश्वास को ‘स्मॉल क्लाउड्स’ के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर का पुरस्कार मिला।

सर्वश्रेष्ठ छात्र फिल्म का आईडीपीए पुरस्कार मिलन कुमार को उनकी फिल्म ‘द ओल्ड बुल नोज, ओर वन्स न्यू’ के लिए दिया गया।

एमआईएफएफ 2026 के साथ आयोजित दूसरे ‘वेव्स डॉक बाजार’ में एफटीआईआई की छात्र फिल्मकार मधुरिमा मैती को उनकी वृत्तचित्र परियोजना ‘द गर्ल बिनीथ’ के लिए एक लाख रुपये का अनुदान मिला।

वहीं, ‘द सन’ उन तीन परियोजनाओं में शामिल रही जिन्हें ‘रिकमेंड्स’ खंड के तहत अनुदान सहायता के लिए चुना गया।

एमआईएफएफ में मिली इस उल्लेखनीय सफलता पर खुशी जताते हुए धीरज सिंह ने कहा, ‘‘एमआईएफएफ वृत्तचित्र और लघु फिल्मों के क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक है। प्रामाणिकता पर आधारित इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना गर्व की बात है। यह एफटीआईआई की गहन शिल्प-साधना, कलात्मक प्रतिबद्धता और नए रास्तों को अपनाने की खुली सोच का प्रमाण है।’’

भाषा खारी नरेश

नरेश