भुवनेश्वर, 16 मई (भाषा) ओडिशा में ईंधन की कमी के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने शनिवार को कहा कि यह स्थिति घबराहट में खरीदारी के कारण उत्पन्न हुई है और उसने कहा कि 48 घंटों के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आपूर्ति शृंखला की बाधाओं के कारण भी यह व्यवधान उत्पन्न हुआ, जो मांग में अचानक हुई वृद्धि के अनुरूप नहीं हो पा रही थी। उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियां सामान्य वितरण बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।
हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन राज्य भर से मिली खबरों से पता चलता है कि पेट्रोल और डीजल की कमी के कारण दिहाड़ी मजदूरों, कंपनी प्रतिनिधियों, मछुआरों और परिवहन संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जहां एक ओर कंपनी प्रतिनिधियों और टैक्सी चालकों ने दावा किया कि पेट्रोल पंपों पर लंबे समय तक इंतजार करने से उनकी कमाई प्रभावित हो रही है, वहीं परिवहन संघों ने कहा कि ईंधन की अनुपलब्धता के कारण हजारों वाहन सड़कों से दूर रहे।
चिल्का झील और पुरी, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर सहित तटीय जिलों के मछुआरों ने कहा कि डीजल की कमी के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
एक मछुआरे पाणि घड़ाई ने कहा, ‘हम गरीब लोग हैं और चिल्का झील में मछली पकड़कर अपना जीवन यापन करते हैं। हालांकि, ईंधन की कमी के कारण हम अपनी नावों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।’
राउरकेला स्थित ‘ओडिशा ट्रक और टिप्पर ओनर्स एसोसिएशन’ ने दावा किया कि व्यवधान के कारण लगभग 20,000 वाहन सड़कों से हट गए।
ऐप आधारित कैब चालकों ने पेट्रोल पंपों पर लंबे समय तक इंतजार करने के कारण होने वाले नुकसान की भी शिकायत की।
इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन दिनों से भुवनेश्वर और अन्य जिलों के पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें अस्थायी समस्याओं के कारण थीं और सामान्य आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह व्यवधान अस्थायी था और आपूर्ति शृंखलाओं को बहाल किया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा, ‘आपूर्ति शृंखला में कुछ समस्याएं थीं, लेकिन हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी क्योंकि तेल विपणन कंपनियों ने छुट्टियों के दिन भी काम करना शुरू कर दिया है।’
भाषा
शुभम प्रशांत
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