Haryana Crime News: इस ब्रांड का नकली इंजेक्शन बना रहे थे आरोपी, अचानक पहुंची पुलिस ने किया भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार

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Haryana Crime News: पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन में नकली मुंजेरो इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 05:34 PM IST

Haryana Crime News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • नकली मुंजेरो इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़।
  • गुरुग्राम पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेश किया भंडाफोड़।
  • पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 2 लोगों को किया गिरफ्तार।

Haryana Crime News: हरियाणा: गुरुग्राम पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन में नकली मुंजेरो इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि ये लोग गुरुग्राम के सेक्टर 69 में स्थित एक फ्लैट में नकली इंजेक्शन तैयार करते थे और उन्हें पॉश इलाके में सप्लाई करने वाले थे। (Haryana Crime News) पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच कर रही है, ताकि नकली दवाओं की सप्लाई को रोका जा सके।

मास्टरमांइड समेत दो गिरफ्तार

Haryana Crime News:  पुलिस ने बताया कि बीते दिनों नकली मुंजेरो इंजेक्शन सप्लाई करने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। (Haryana Crime News) सूचना के आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड और सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की एक संयुक्त टीम तैयार की गई, जिसने शनिवार को नकली इंजेक्शन बनाने वाले मास्टरमाइंड अमिश शर्मा और उसके एक अन्य साथी को दबोच लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से करीब 70 लाख रुपए की कीमत के नकली इंजेक्शन मिले हैं। पुलिस का कहना है कि दिल्ली के भागीरथ पैलेस से ये सप्लायर गुरुग्राम के पॉश इलाके में स्थित गलेरिया मार्केट में सप्लाई करने वाला था।

इटली से इम्पोर्ट किया जाता है इंजेक्शन

Haryana Crime News:  मिली जानकारी के अनुसार, ‘मुंजेरो’ इंजेक्शन मूल रूप से इटली से भारत इम्पोर्ट किया जाता है।(Haryana Crime News) इसका इस्तेमाल एंटी-डायबिटिक मरीज डायबिटीज कंट्रोल के लिए करते हैं, लेकिन आजकल इसका चलन अमीर लोगों में वजन कम करने को लेकर काफी बढ़ गया है। इसी मांग का फायदा उठाते हुए आरोपी नकली इंजेक्शन का जाल बिछाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे ।

पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये खतरनाक नेक्सस कितना बड़ा है और नकली माल कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था। ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी ने बताया कि, असली और नकली की ब्रांडिंग में बड़ा अंतर होता है। असली इंजेक्शन को 2 से 8 डिग्री तापमान में सप्लाई किया जाता है, लेकिन बरामद इंजेक्शन बिना किसी मानक के सप्लाई किए जा रहे थे। इन मानकों की कमी ही नकली होने के सबसे पक्के सबूत साबित हुए।

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