कोलकाता, 12 मई (भाषा) कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को ‘बांग्ला पोक्खो’ के नेता गार्गा चटर्जी को हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बारे में गलत सूचना फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि चटर्जी के खिलाफ मुख्य आरोप मतदान के दिन उनके द्वारा सोशल मीडिया पर की गई उन पोस्ट से संबंधित है जिनमें उन्होंने ईवीएम की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने लालबाजार में पत्रकारों को बताया, ‘‘उनके खिलाफ शिकायत कोलकाता उत्तर के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने दर्ज कराई थी जिसके बाद साइबर प्रकोष्ठ ने कार्रवाई शुरू की। उन्हें इस मामले में दो बार तलब किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए और इसी वजह से उन्हें आज गिरफ्तार किया गया।’’
‘बांग्ला पोक्खो’ बांग्ला हितों की पैरोकार संगठन है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि चटर्जी ने 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दिन कथित तौर पर ईवीएम में खराबी को लेकर सवाल उठाए थे जब तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई बूथ पर मतदान देरी से शुरू हुआ था।
चटर्जी ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में सवाल उठाया था कि पिछली रात जांच किए जाने के बावजूद सुबह ईवीएम में खराबी क्यों आ गई। उन्होंने मतदाताओं को सलाह दी थी कि वोट डालने के बाद मतदान केंद्र छोड़ने से पहले वीवीपैट पर्ची की सावधानीपूर्वक जांच कर लें।
अधिकारी ने बताया कि चटर्जी ने चार मई को मतगणना के दिन एक बार फिर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से निर्वाचन आयोग को निशाना बनाया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग एक ‘‘गुप्त साजिश’’ रच रहा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘चटर्जी को चुनावी प्रक्रिया के संबंध में गलत सूचना फैलाने और भ्रम पैदा करने से संबंधित विशिष्ट शिकायतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।’’
सूत्रों के अनुसार, चटर्जी को बुधवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
भाषा सुरभि माधव
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