काजीरंगा का ईएसजेड घटाने के फैसले पर गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा

काजीरंगा का ईएसजेड घटाने के फैसले पर गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा

काजीरंगा का ईएसजेड घटाने के फैसले पर गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा
Modified Date: August 24, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: August 24, 2026 8:23 pm IST

गुवाहाटी, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोमवार को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) को घटाने के राज्य सरकार के फैसले की आलोचना की और कहा कि अवैध खनन के मुद्दे का समाधान किए बिना ऐसा करना “हैरान करने वाला नहीं” है।

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने राज्य वन्यजीव बोर्ड में दो राजनीतिक नेताओं को “प्रख्यात संरक्षणवादी, पारिस्थितिकीविद् और पर्यावरणविद्” के रूप में नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि काजीरंगा के बफर जोन को घटाने का प्रस्ताव अप्रत्याशित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर कछार हिल्स स्वायत्त परिषद के सीईएम देबोलाल गोरलोसा और उनकी पत्नी का नाम उमरांगसो में कथित अवैध रैट-होल खनन से जुड़े एक मामले में दर्ज प्राथमिकी में आया था। इस खनन हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी।

गोगोई ने कहा कि कारबी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के सीईएम तुलीराम रोंगहांग के मामले में भी उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति ने कई बार खनन पट्टों और अनुमति जारी करने पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि काजीरंगा के आसपास ईएसजेड घटाने का प्रस्ताव लोगों और पर्यावरण के साथ “मजाक” है।

असम सरकार ने फिलहाल आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। राज्य सरकार ने काजीरंगा के आसपास ईएसजेड को मौजूदा 10 किलोमीटर से घटाकर 1-3 किलोमीटर करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने की योजना बनाई है।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि इससे ईएसजेड में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन और आजीविका की रक्षा होगी।

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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