शिलांग हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित : मेघालय विस में मुख्यमंत्री संगमा

शिलांग हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित : मेघालय विस में मुख्यमंत्री संगमा

शिलांग हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित : मेघालय विस में मुख्यमंत्री संगमा
Modified Date: August 24, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: August 24, 2026 8:26 pm IST

शिलांग, 24 अगस्त (भाषा) मेघालय सरकार ने यहां छात्र संगठन की रैली के दौरान हाल में हुई हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

संगमा ने सदन के बाहर कहा कि सरकार ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) को उसकी मांगों पर चर्चा के लिए आमंत्रित भी किया है।

विधानसभा के सत्र के पहले दिन बयान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) के नेतृत्व वाली एसआईटी को ‘‘हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और जांच करने, विशेष रूप से असम में पंजीकृत वाहनों पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने तथा कानून के अनुसार उनके खिलाफ अभियोग सुनिश्चित करने’’ का जिम्मा सौंपा गया है।

उन्नीस अगस्त को केएसयू की बाइक रैली हिंसक हो गई थी। शिलांग के कई हिस्सों में पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं। ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम के अनुसार, कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, 18 लोग घायल हुए और दो वाहनों को आग लगा दी गई।

केएसयू के तीन वरिष्ठ नेताओं—अध्यक्ष रेमंड खरजाना, उपाध्यक्ष पिन्कमेनलांग सनमिएत और महासचिव रूबेन नाजियार—को गिरफ्तार करके बाद में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

संगमा ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्ट खासी हिल्स के उपायुक्त ने केएसयू द्वारा रैली शांतिपूर्ण रहने का आश्वासन दिए जाने के बाद इसकी अनुमति दी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, रैली के दौरान कुछ उपद्रवी हिंसक गतिविधियों में लिप्त हुए, जिसमें 31 वाहनों पर पथराव और निर्दोष राहगीरों पर हमला शामिल है।’’ उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों में से आठ असम में पंजीकृत थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी घायलों को चिकित्सा उपचार के लिए शिलांग सिविल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘19 अगस्त की घटना के संबंध में अब तक 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पांच नकाबपोश लोगों की अब तक पहचान की गई है, जो विशेष रूप से असम में पंजीकृत वाहनों पर हमले में शामिल थे। इनमें से एक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।’’

बाद में संगमा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने केएसयू को औपचारिक रूप से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और उसे सोमवार शाम या मंगलवार तक जवाब मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज केएसयू को पत्र लिखकर चर्चा के लिए आने को कहा है। हमें आज शाम या कल तक जवाब मिल सकता है और हम सभी पांच एजेंडे पर चर्चा करेंगे।’’

यह रैली केएसयू के पांच सूत्री मांगपत्र को लेकर जारी आंदोलन का हिस्सा थी। इसमें ‘मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट’ लागू करना, मेघालय लोक सेवा आयोग और जिला चयन समितियों (डीएससी) के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में सुधार तथा प्रवासी श्रमिकों के नियमन को और कड़ा करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केएसयू की मांगों पर चर्चा कर सकती है, लेकिन जारी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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