नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पुडुचेरी के हिंदू धार्मिक संस्थान एवं वक्फ विभाग को श्री वेधापुरीश्वरर श्री वरदराजपेरुमल देवस्थानम से जुड़े आरटीआई आवेदन पर फिर से विचार करने और उपलब्ध रिकॉर्ड देने का निर्देश दिया है।
आयोग ने कहा कि विभाग यह दलील देकर मंदिर से संबंधित जानकारी देने की कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता कि मंदिर ‘सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं’ है।
सूचना आयुक्त पी. आर. रमेश ने कहा कि अपीलकर्ता ने जानकारी के लिए मंदिर के नहीं, बल्कि विभाग के समक्ष आवेदन किया था।
उन्होंने कहा कि विभाग सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण है।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक अपील पर विचार करते हुए यह जानकारी दी, जिसमें मंदिर के वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक के वार्षिक बजट, वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक के ऑडिट किए गए लेखा-विवरण, ऑडिट रिपोर्ट और ऑडिट में व्यक्त की गईं आपत्तियों को दूर करने से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
आवेदक ने 2021 से अब तक मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ मिली शिकायतों, उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, लंबित शिकायतों, शिकायतों और उनसे जुड़ी कार्रवाई की जानकारी भी मांगी थी।
सूचना आयुक्त पी. आर. रमेश ने कहा कि अपीलकर्ता ने विभाग से जानकारी मांगी थी, जो सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण है।
आयोग ने कहा, ‘सिर्फ यह दलील देकर कि मंदिर सार्वजनिक प्राधिकरण की श्रेणी में नहीं आता, विभाग अपने पास उपलब्ध या कानून के तहत अपने पास मौजूद जानकारी देने की कानूनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता।’
आयोग ने विभाग को बजट, ऑडिट किए गए खातों, ऑडिट रिपोर्ट और शिकायतों से जुड़े सवालों पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि हर बिंदु का संशोधित जवाब दिया जाए और अगर जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो साफ तौर पर बताया जाए।
भाषा जोहेब रंजन
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