पणजी, 27 अगस्त (भाषा) गोवा मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण के खिलाफ एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें अन्य कड़े प्रावधानों के साथ आजीवन कारावास की सजा का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह विधेयक राज्य विधानसभा के 31 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
इस विधेयक में बल, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, धोखाधड़ी या विवाह के जरिए कथित रूप से कराए जाने वाले धर्मांतरण के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव है।
विधेयक के तहत दोषियों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना और पीड़ितों को अधिकतम पांच लाख रुपये तक मुआवजा देने का भी प्रावधान है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘गोवा गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी।
अधिकारी ने बताया कि इसे राज्य विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि यह पाया जाता है कि विवाह केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया था, तो ऐसे विवाह को ‘‘अमान्य’’ घोषित किया जा सकता है।
अधिकारी के अनुसार, दोषियों को कम से कम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं।
भाषा गोला वैभव
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