पणजी, 22 जनवरी (भाषा) गोवा के अरपोरा गांव के पूर्व सरपंच, जो पिछले साल ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत के समय इस पद पर थे, ने बृहस्पतिवार को एक स्थानीय अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
मुंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ द्वारा रोशन रेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के एक दिन बाद, उन्होंने मापुसा में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
अरपोरा-नागोवा पंचायत के पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर सहित अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर नाइट क्लब के लिए लाइसेंस दिलाने में मदद करने के आरोप में अंजुना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
रेडकर ने सर्वप्रथम मापुसा स्थित अतिरिक्त जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी, जहां उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गोवा पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में रेडकर का नाम आने के बाद पंचायत निदेशालय ने उन्हें सरपंच पद से अयोग्य घोषित कर दिया है। पुलिस ने बागकर को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर रेडकर के साथ मिलकर उस नाइट क्लब को लाइसेंस दिलाने का आरोप है, जिसने कथित तौर पर कई नियमों का उल्लंघन किया था।
अधिकारियों के अनुसार, रेडकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 125 (मानव जीवन को खतरे में डालना) और 287 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छह दिसंबर को नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान जाने के बाद गोवा पुलिस ने अब तक रेडकर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
भाषा तान्या वैभव
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