ये धरती के भगवान का ही करिश्मा है जो 7 महीनों के संघर्ष के बाद 400 ग्राम वज़न की बच्ची को नई ज़िंदगी मिली. खबर राजस्थान के उदयपुर की है, जहां डॉक्टर्स ने एक मासूम को नया जीवन देकर न सिर्फ इतिहास बनाया है बल्कि ये एहसार भी कराया कि डॉक्टर्स को धरती का भगवान इसीलिए कहा जाता है. दरअसल, जीवंता चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने सिर्फ़ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिणी एशिया की अब तक की सबसे छोटी और कम वज़नी (महज़ 400 ग्राम) की नन्ही सी बच्ची का जीवित बचाकर नया करिश्मा कर दिखाया है।
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बताया जा रहा है कि इस बच्ची का जन्म 7 महीने पहले हुआ था 7 महीनों के लंबे इंतज़ार के बाद जीवंता हॉस्पिटल के डॉक्टर्स इस बच्ची को ज़िंदगी देने में सफलता प्राप्त की.
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आपको बता दें कि 7 महीने तक चले इस बच्ची के इलाज के दौरान एक समय काफी महंगे इलाज के कारण परिवार की स्थिति खराब होने के कारण बीच में ही इलाज बंद कराने की नौबत आई. लेकिन चिकित्सकों के सामने इस बच्ची को बचाना एक बड़ी चुनौती थी. इलाज का करीब 75 फीसदी खर्च हॉस्पिटल ने उठाया और साथ ही इस नन्ही परी को नया जीवन देकर हॉस्पिटल ने माता पिता के जीवन में खुशियां भर दी.
वेब डेस्क, IBC24