गुलमर्ग में ‘गंडोला’ में खराबी: 300 पर्यटक फंसे, 179 को सुरक्षित निकाला गया

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गुलमर्ग में ‘गंडोला’ में खराबी: 300 पर्यटक फंसे, 179 को सुरक्षित निकाला गया

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 08:14 PM IST

श्रीनगर, 25 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को केबल कार प्रणाली में तकनीकी खराबी आने के बाद 65 केबिन में सवार लगभग 300 पर्यटक घंटों तक आसमान में फंसे रहे। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा उत्पन्न हुई।

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर के आसपास प्रणाली में खराबी आने के तुरंत बाद एक बड़ा बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया गया और पहले पांच घंटों में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ केबिन जमीन से लगभग 500 फुट ऊपर थे।

उन्होंने कहा कि इलाके में भारी बारिश से भी बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

उन्होंने बताया कि प्रणाली में खराबी के कारण गुलमर्ग केबल कार सेवा, जिसे ‘गंडोला’ के नाम से जाना जाता है, का संचालन दोनों तरफ से रोक दिया गया था। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ-साथ पुलिस और सेना भी बचाव कार्य में शामिल है।

उन्होंने बताया कि केबल कार प्रणाली को बहाल करने का काम फिलहाल जारी है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर “करीबी नजर रख रही है।”

उमर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित टीम बचाव अभियान का संचालन कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है।”

अधिकारियों ने बताया कि कुछ केबिन लगभग 500 फुट की ऊंचाई पर थे, इसलिए इन केबिन से यात्रियों को निकालने में समय लग रहा था। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक लगभग 60 प्रतिशत केबिन से यात्रियों को निकाला जा चुका है।’’

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात को गुलमर्ग जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के कई केबिन में फंसे पर्यटकों के लिए जारी बचाव अभियान की मैं निगरानी कर रहा हूं। मैंने पुलिस महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना और एसडीआरएफ की संयुक्त बचाव टीम उपायुक्त और एसएसपी के साथ मिलकर सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रही है।”

सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चिनार कोर की सहायता से त्वरित और समन्वित बचाव प्रयास शुरू किए गए हैं।

भाषा संतोष सुभाष

सुभाष