Assured Pension Scheme. Image Source- IBC24
बेंगलुरुः ‘Assured Pension Scheme’ सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को लेकर चल रही बहस के बीच तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित पेंशन योजना की घोषणा की। सरकार का दावा है कि इस नई योजना से कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसे लाभ मिलेंगे।
‘Assured Pension Scheme’ मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके आखिरी वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाएगा। यह पेंशन आजीवन सुनिश्चित होगी। इस योजना के लिए कर्मचारी अपने वेतन का 10 प्रतिशत योगदान देंगे, जबकि शेष आवश्यक राशि राज्य सरकार पेंशन फंड में जमा करेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना के अंतर्गत पेंशनभोगियों को भी हर छह महीने में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा, ठीक उसी तरह जैसे कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को मिलता है। पेंशनभोगी की मृत्यु होने की स्थिति में पेंशन की 60 प्रतिशत राशि नामांकित व्यक्ति को पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाएगी।
Assured Pension Scheme इसके अलावा यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसकी सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सुनिश्चित पेंशन योजना लागू होने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाएगी। सरकार ने इस योजना का नाम तमिलनाडु सुनिश्चित पेंशन योजना (TAPS) रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि TAPS लागू होने से पहले अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के तहत सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को भी विशेष अनुकंपा पेंशन दी जाएगी। वित्तीय पहलू की बात करें तो तमिलनाडु सरकार को इस योजना के लिए पेंशन फंड में अतिरिक्त 13,000 करोड़ रुपये का योगदान करना होगा। वहीं, TAPS के कार्यान्वयन के लिए सरकार पर हर साल लगभग 11,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, पेंशन को लेकर देश के अन्य राज्यों में जारी बहस के बीच यह घोषणा राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नई चर्चा को भी जन्म दे सकती है।