कोलकाताः Employee Attendance Rule Change सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने का तरीका जल्द बदलने वाला है। पश्चिम बंगाल सरकार बायोमेट्रिक मशीनों की जगह मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था में कर्मचारी अपने स्मार्टफोन से हाजिरी दर्ज कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें कार्यालय परिसर के भीतर मौजूद होना अनिवार्य होगा।
Employee Attendance Rule Change वित्त विभाग ने सभी विभागों को नई प्रणाली लागू करने की दिशा में आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभागों से कहा गया है कि वे अपने मौजूदा सॉफ्टवेयर की समीक्षा कर उसे नई व्यवस्था के अनुरूप तैयार करें। सरकार का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाना है। नई व्यवस्था में जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत मोबाइल से उपस्थिति तभी दर्ज होगी, जब कर्मचारी कार्यालय की निर्धारित सीमा के भीतर होगा। इससे कार्यालय से बाहर रहते हुए हाजिरी दर्ज करने की संभावना समाप्त हो जाएगी और उपस्थिति की निगरानी भी अधिक सटीक हो सकेगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि कई विभागों में लगी बायोमेट्रिक मशीनें लंबे समय से रखरखाव के अभाव में खराब पड़ी हैं। तकनीकी दिक्कतों के कारण कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। मोबाइल आधारित प्रणाली लागू होने से इन समस्याओं से राहत मिलने के साथ मशीनों के रखरखाव पर होने वाला खर्च भी बचेगा। राज्य सरकार हाल के महीनों में कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में 15 जून से राज्य सचिवालय नवान्न में फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था शुरू की गई थी और 31 जुलाई तक इसे सभी सरकारी कार्यालयों में लागू करने की योजना बनाई गई थी। अब सरकार तकनीक में बदलाव करते हुए मोबाइल आधारित मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रही है।
नई व्यवस्था में कार्यालय पहुंचने के समय को लेकर भी स्पष्ट मानक तय किए गए हैं। सुबह 10:15 बजे से 11 बजे के बीच पहुंचने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति ‘लेट’ दर्ज की जाएगी, जबकि 11 बजे के बाद कार्यालय आने वालों को अनुपस्थित माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से उपस्थिति व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों में समयपालन की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।