नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारत में जनगणना के सिलसिले में स्व-गणना पोर्टल पर दिए गए अकसर पूछे जाने वाले सवालों में कहा गया है कि अगर सहजीवन (लिव-इन) संबंध में रहने वाले दो लोग एक-दूसरे को हमेशा के लिए अपना मानते हैं तो उन्हें जगणना के दौरान वैवाहिक दंपत्ति के समान माना जाए।
जनगणना के दौरान स्व-गणना का विकल्प चुनने वालों के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। यह पोर्टल जनगणना के दोनों चरणों ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ (एलएलओ) और जनसंख्या गणना के लिए उपलब्ध होगा।
पोर्टल पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) की सूची दी गई है ताकि लोग देश की 16वीं जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का आसानी से उत्तर दे सकें।
एफएक्यू में कहा गया है, “क्या लिव-इन संबंध में रहने वाले जोड़े को विवाहित जोड़ा माना जाएगा? यदि वे हमेशा के लिए एक-दूसरे को अपना मानते हैं, तो उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में माना जाए।”
सरकार ने एक अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले जनगणना हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग गणना के पहले चरण के दौरान लोगों से पूछे जाने वाले 33 प्रश्न अधिसूचित किए हैं।
पहले चरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों में घर के फर्श और छत में इस्तेमाल सामग्री, वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, परिवार के मुखिया का लिंग, उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार, बुनियादी और आधुनिक आवश्यकताओं तक पहुंच और स्वामित्व वाले वाहनों के प्रकार शामिल होंगे।
प्रश्नों की शुरुआत भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), जनगणना मकान संख्या, और घर के फर्श, दीवार और छत में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री पूछने से होगी।
इसके बाद गणनाकर्ता घर के उपयोग, उसकी स्थिति, और उसमें सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या के बारे में पूछेंगे।
अधिकारी परिवार के मुखिया के बारे में नाम और लैंगिक पहचान की जानकारी भी एकत्र करेंगे।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष